भीम अवार्डी बॉक्सर स्वीटी बूरा साढ़े 3 घंटे रिंग में बैठी रही और आरोप लगाया कि अपनी बेटी को जिताने के लिए उस शख्स ने रिजल्ट बदलवा दिया। स्वीटी का आरोप है कि उसके साथ दो साल से पक्षपात हो रहा है। उसे नेशनल गेम में नहीं खेलने दिया जा रहा जबकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वह पदक जीत रही है।
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परिजनों ने स्टेट चैंपियनशिप की वीडियोग्राफी नहीं करवाए जाने पर भी सवाल उठाये। फेडरेशन प्रतिनिधि द्वारा तीन विशेषज्ञों से मोबाइल फोन की वीडियो के आधार पर जांच कराने के आश्वासन पर स्वीटी परिजनों के साथ रिंग से चली गईं। स्वीटी बूरा ने कहा कि वह फैसले के खिलाफ बॉक्सिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया में अपील करेंगी।
मामला हरियाणा के भिवानी में सामने आया। राज्यस्तरीय महिला मुक्केबाजी बॉक्सिंग चैंपियनशिप में हार के बाद अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाज और वर्ल्ड रैंकिंग में दूसरा स्थान हासिल भीम अवार्डी स्वीटी बूरा परिणाम पर सवाल उठाते हुए विरोध स्वरूप रिंग में बैठ गईं। करीब दो घंटे बाद भी वह नहीं उठीं तो आयोजकों ने दूसरे रिंग में प्रतियोगिता शुरू करवाई, लेकिन स्वीटी वहां भी पहुंचकर डेढ़ घंटे तक रिंग में बैठी रही।
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स्वीटी बूरा ने आरोप लगाया कि वह मुकाबले में एकतरफा जीती हैं, उसके बाद भी उसे 5-0 से हरा दिया गया। मुकाबले में ऑल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी चैंपियन मुक्केबाज नुपुर को विजयी घोषित किया गया।
पुलिस को बुलाने पर भी नहीं उठी
भीम स्टेडियम में बॉक्सिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया की तरफ से आयोजित तीन दिवसीय राज्यस्तरीय महिला बॉक्सिंग चैंपियनशिप के अंतिम दिन फाइनल मुकाबले हुए। दोपहर करीब 12 बजे 75 किलोग्राम भारवर्ग में अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाज स्वीटी बूरा और नुपुर के बीच मुकाबला हुआ। पांच सदस्यीय जज के पैनल ने नुपुर को 5-0 से विजेता घोषित किया। फैसले पर सवाल उठाते हुए स्वीटी रिंग में ही बैठ गईं।
आयोजकों, कोच, बॉक्सिंग फेडरेशन के सचिव आदि ने उन्हें समझाने का प्रयास किया मगर स्वीटी रोष जताते हुए न्याय की मांग करती रही। करीब दो घंटे बाद भी स्वीटी नहीं उठी तो महिला पुलिस को बुलाया गया, लेकिन वह डटी रही। इस पर आयोजकों ने इंडोर हॉल के रिंग में प्रतियोगिता कराने का निर्णय लिया। इंडोर हॉल के मुख्य गेट को बंद कर दिया और पुलिस कर्मी तैनात कर दिए।
एसएचओ सिविल लाइन विद्यानंद भी मौजूद रहे। अंदर तीन ही मुकाबले हुए थे कि स्वीटी रिंग से उतरकर मुख्य गेट पर पहुंच गई और जबरन गेट खुलवाने का प्रयास किया। एसएचओ ने स्वीटी को समझाया और गेट खुलवा दिया। स्वीटी फिर अंदर रिंग में जाकर बैठ गई, जिस कारण प्रतियोगिता रोकनी पड़ी। बाद में ओपन रिंग में प्रतियोगिता कराने का निर्णय लिया गया। जहां बाकी मुकाबले पुलिस निगरानी में हुए।
अपनी बेटी के लिए गलत फैसले ले रहे हैं आयोजक
स्वीटी बूरा ने आरोप लगाया कि वह एकतरफा जीती है। फैसला उसके पक्ष में 5-0 से होना चाहिए था जबकि आयोजक संजय श्योराण गलत तरीके से अपनी बेटी नुपुर को जीता रहे हैं। पिछले वर्ष रोहतक में भी उसके साथ ऐसे ही किया गया था। उसने जून 2018 में उमाखनोव मेमोरियल टूर्नामेंट में गोल्ड जीता है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वह पदक जीत रही है। लेकिन स्टेट स्पर्धाओं में उसे गलत फैसलों से हराया जा रहा है।
जीत से खुश हूं : नुपुर
स्वीटी बूरा को हराने के बाद नुपुर ने कहा कि वह जीत से बहुत खुश हूं। उसने इन मुकाबलों के लिए काफी मेहनत की है। परिजनों और कोच का अहम रोल रहा है। अब अपना सारा ध्यान नेशनल चैंपियनशिप की ओर केंद्रित करेंगी। देश के लिए पदक जीतना चाहती है।
स्वीटी बूरा मुकाबला हार गई थी। यह एक जज का नहीं बल्कि पांच जजों का फैसला है। निर्णायक पैनल दिल्ली समेत अन्य जगह से आए हैं। स्वीटी को समझाया गया मगर वह रिंग से हटने को तैयार नहीं हुई। अश्विनी शर्मा, सचिव, एडहॉक कमेटी कोर्डिनेटर, बीएफआई
स्वीटी का आरोप गलत है। वीडियो उसके साथियों ने बनाई है। जिसकी जांच करवाई जा सकती है। हार-जीत खेल का हिस्सा है। खिलाड़ियों को हार से निराश न होकर भविष्य के लिए कड़ी मेहनत करनी चाहिए। संजय श्योराण, आयोजक, महिला स्टेट बॉक्सिंग चैंपियनशिप
भीम अवार्डी स्वीटी बूरा फिलहाल इनकम टैक्स विभाग में इंस्पेक्टर हैं। सूचना पर एसएचओ सिविल लाइन भी स्टेडियम पहुंचे। उन्होंने कहा कि फेडरेशन या आयोजक लिखित में शिकायत करते हैं तो मुकदमा दर्ज कर हटा सकते हैं, लेकिन ऐसी कोई शिकायत नहीं हुई है। फेडरेशन के नियमानुसार, किसी खिलाड़ी पर अनुशासन तोड़ने की कार्रवाई अमल में लाई जाती है तो तीन साल तक प्रतिबंध का प्रावधान है।
स्वीटी बूरा की उपलब्धियां
-13 जून 2018 में रूस के कॉस्पिक में हुए उमाखानोव मेमोरियल टूर्नामेंट में गोल्ड मेडल।
- फरवरी 2018 में प्रथम ओपन इंडिया इंटरनेशनल प्रतियोगिता में सिल्वर मेडल।
- फरवरी 2018 में 69वें सतरंजा कप में ब्रॉन्ज मेडल
-2016 में एआईबीए वर्ल्ड वूमेन बॉक्सिंग चैंपियनशिप कजाकिस्तान में क्वार्टर फाइनलिस्ट रहीं।
- अगस्त 2015 एबीएसी एशियन कॉन्फेडरेशन बॉक्सिंग चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल।
- जून-जुलाई 2015 इंडिया-आस्ट्रेलिया प्रतियोगिता में सिल्वर मेडल।
- नवंबर 2014 में एआईबीए वर्ल्ड वूमेन बॉक्सिंग चैंपियनशिप साउथ कोरिया में सिल्वर मेडल।
- यूथ बॉक्सिंग ट्रेनिंग कंपीटिशन 2011 में गोल्ड मेडल।
-राष्ट्रीय स्तर पर भी करीब 10 गोल्ड मेडल जीते।