हरियाणा राज्य कर्मचारी संघ व भारतीय मजदूर संघ हरियाणा के नेताओं ने मुख्य सचिव कार्यालय हरियाणा की ओर से शुक्रवार को मुख्यमंत्री के साथ हुई वार्ता के सर्कुलर में दूसरे संगठनों को तरजीह देने पर कड़ी आपत्ति जताई है।
इन दोनों संगठनों का कहना है कि 20 जुलाई को भी सीएम के साथ हरियाणा राज्य कर्मचारी संघ व भारतीय मजदूर संघ हरियाणा की सकारात्मक वार्ता हुई और मुख्यमंत्री ने अनेक मांगों को स्वीकार भी किया।
इस वार्ता के दौरान कई और संघ व महासंघ के पदाधिकारी मौजूद थे। बाद में मुख्य सचिव कार्यालय द्वारा उन संगठनों के पदाधिकारियों को पत्र के माध्यम से तरजीह दी गई। जो मांगें उन संगठनों ने नहीं की, उन पर उनका नाम लिखने से हरियाणा राज्य कर्मचारी संघ व भारतीय मजदूर संघ हरियाणा के पदाधिकारियों में रोष उत्पन्न कर रहा है।
जारी बयान में संघ के प्रदेश संयोजक कृष्ण लाल गुर्जर व मजदूर संघ के प्रदेश महामंत्री हनुमान गोदारा ने कहा कि सर्कुलर में मुख्य सचिव ने अन्य संगठनों को तरजीह दी है और कहा है कि उक्त संगठनों द्वारा जो मांगे मुख्यमंत्री के समक्ष रखी गई थी, उन पर कार्रवाई शुरू कर दी गई है जबकि उक्त सभी मांगों के संदर्भ में हरियाणा राज्य कर्मचारी संघ व भारतीय मजदूर संघ हरियाणा की मुख्यमंत्री के साथ वार्ता हुई थी।
इन मांगों से अन्य संगठनों का कोई लेना देना ही नहीं था। लेकिन मुख्य सचिव कार्यालय के तथाकथित अधिकारियों द्वारा उक्त संगठनों को तरजीह देना समझ से परे हैं।
संघ ने बताया कि 15 अगस्त तक अगर उनकी मांग नहीं मानी गई तो हरियाणा राज्य कर्मचारी संघ व भारतीय मजदूर संघ हरियाणा से संबंधित सभी संगठन के पदाधिकारी धरना स्थल पर ही तिरंगा फहराकर स्वतंत्रता दिवस मनाएंगे और रोष व्यक्त करेंगे। यदि फिर भी मांगें नहीं मानी गई तो वे आंदोलन को और तेज करने को मजबूर होंगे।