किसान संगठनों के आठ दिसंबर के भारत बंद को भरपूर समर्थन मिल रहा है। शहर में कई संस्थाओं ने आठ दिसंबर के बंद को अपना समर्थन दिया है। मोबाइल एसोसिएशन के प्रधान जसपिंदर सिंह मक्कड़ ने बंद को समर्थन देने का एलान किया है। रैनक बाजार एसोसिएशन’ ने भी बंद का समर्थन किया है। इसके अलावा आल इंडिया जमात-ए-सलमानी ने भी बंद को अपना समर्थन दिया है। आल इंडिया आदि धर्म मिशन के राष्ट्रीय प्रधान संत सतविंदर हीरा और साधू समाज के प्रधान संत सरवन दास ने भारत बंद को पूरा समर्थन दिया है।
पटियाला में इन लोगों ने किया बंद का समर्थन
भारत बंद के आह्वान का मुलाजिम, व्यापारी, दुकानदार, धार्मिक संगठनों ने पूर्ण रूप से समर्थन करने का एलान किया। इस मौके इन संगठनों के नुमाइंदों ने केंद्र सरकार से मांग की है कि कृषि कानूनों को तुरंत वापस ले। नेशनल हेल्थ मिशन इंप्लाइज यूनियन के प्रदेश प्रधान अमरजीत सिंह ने बताया कि भारत बंद के दौरान मोदी सरकार व कारपोरेट घरानों खिलाफ अर्थी फूंक प्रदर्शन किया जाएगा। पावरकॉम पेंशनर्स एसोसिएशन ने भी किसानों के समर्थन में मंगलवार को रोष रैली निकालने का एलान किया है।
शॉपकीपर यूनियन सफाबादी गेट प्रधान कुलविंदर सिंह दर्दी ने सभी दुकानदारों को मंगलवार को किसानों के समर्थन में दुकानें बंद करने की अपील की। पंजाब रेडीमेड गारमेंट एसोसिएशन चेयरमैन राजेश कुमार सिंगला ने बताया कि भारत बंद के समर्थन में व्यापारिक संस्थान बंद रखे जाएंगे। गवर्नमेंट एडिड स्कूल प्रोग्रेसिव फ्रंट पंजाब ने प्रदेश के सारे एडिड स्कूल बंद रखने का एलान किया। फ्रंट के प्रदेश प्रधान उपजीत सिंह बराड़ ने यह जानकारी दी।
भारतीय किसान यूनियन उगराहां समेत प्रदेश के विभिन्न किसान संगठन आठ दिसंबर को कृषि कानूनों के विरोध में भारत बंद के आह्वान पर जिले में आठ जगहों पर धरना-प्रदर्शन करेंगे। यह जानकारी भाकियू उगराहां के नेता जसवीर सिंह ने दी। उन्होंने बताया कि मंगलवार को सुबह आठ बजे से दोपहर तीन बजे तक किसान बठिंडा बादल रोड, बठिंडा अमृतसर रोड पर गांव जीदा के समीप, बठिंडा चंडीगढ रोड पर गांव लहरा बेगा के समीप, बाजाखाना बरनाला रोड पर भगता भाईका के समीप, भुच्चो मंडी नथाना रोड, बठिंडा सरदूलगढ-तलवंडी साबो रोड, रामपुरा रामां रोड, नेशनल हाईवे स्थित पेट्रोल पंप समेत बठिंडा-अंबाला रेलवे ट्रैक और बठिंडा जींद रेलवे ट्रैक पर धरना देंगे।
बंद के पक्ष में उतरे ट्रांसपोर्टर, कारोबारी और होटल एसोसिएशन
आठ दिसंबर को भारत बंद के एलान को भारी समर्थन मिल गया है। लुधियाना में होजरी टेक्सटाइल एसोसिएशन से लेकर ट्रांसपोर्टर और होटल एसोसिएशन, सब्जी मंडी एसोसिएशन ने बंद को समर्थन दिया है। लुधियाना निटवियर क्लब प्रधान विनोद थापर ने बताया कि दिसंबर महीना होजरी और टेक्सटाइल के लिए सबसे महत्वपूर्ण होता है। इसके बावजूद वह किसान आंदोलन का समर्थन करते है।
मंगलवार को फैक्टरियां बंद रहेंगी। संगठन सिंघु बार्डर पर किसानों के लिए एक हजार जैकेट भेज रहा है। वहीं जनता नगर एसोसिएशन, ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन की बैठक में बंद को समर्थन दिया गया है। होटल एसोसिएशन प्रधान अमरवीर सिंह ने बताया कि उनकी एसोसिएशन बंद का समर्थन कर रही है।
उन्होंने बताया कि जिन होटल या फिर रिसोर्ट में कोई समारोह पहले से बुक है, उन्हें बंद नहीं किया जाएगा। चैंबर ऑफ इंडस्ट्री एंड कामर्शियल अंडर टेकिंग प्रधान उपकार सिंह आहूजा ने बंद का समर्थन करते सरकार से तुरंत किसानों की मांगों को पूरा करने के लिए कहा है।
होशियारपुर में कृषि कानूनों के विरोध व दिल्ली में संघर्ष कर रहे किसानों के समर्थन में रविवार फिट साइको लाइफ होशियारपुर ने साइक्लिस्ट परमजीत सिंह सचदेवा के नेतृत्व में साइकिल रैली निकाली। इसमें 100 से भी ज्यादा बच्चे, बुजुर्ग, स्टूडेंट्स और महिलाएं शामिल थीं। रैली को रवि कुमार प्रधान आढ़ती एसोसिएशन, कुलविंद्र सिंह सचदेवा, कुलवंत सिंह, बलदेव सिंह, बलबल सेवा समिति के सदस्य व स्थानीय किसानों ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
होशियारपुर अनाज मंडी रहेगी बंद, नही होगी बोली
भारत बंद के आह्वान पर जिले की मुख्य अनाज मंडी में आढ़ती एसोसिएशन के अध्यक्ष सुधीर सूद की अध्यक्षता में बैठक का अयोजन किया गया। इस दौरान किसानों की मांगों का समर्थन करते हुए फैसला किया गया कि आठ दिसंबर को मंडी बंद रहेगी। इस दिन मंडी में न तो कोई व्यापार होगा न ही अनाज की बोली लगेगी।
भारत बंद की सफलता को लेकर बनाई रणनीति
संगरूर। किरती किसान यूनियन व जमीन प्राप्ति संघर्ष कमेटी की संयुक्त बैठक संगरूर में गदर मेमोरियल भवन में हुई। बैठक में आठ दिसंबर के भारत बंद को सफल बनाने के लिए रणनीति बनाई गई। किरती किसान यूनियन यूथ विंग के नेता जसदीप सिंह बहादुरपुर और जमीन प्राप्ति संघर्ष के अध्यक्ष मुकेश मलौद ने कहा कि कृषि कानूनों के खिलाफ देशभर के किसान व मजदूरों सहित अन्य वर्ग संघर्ष के मैदान में डटे हैं। यह हमला केवल किसानों पर नहीं, बल्कि देश के हर वर्ग पर है।