पंजाब से आम आदमी पार्टी के टिकट पर चुनकर लोकसभा पहुंचे हास्य कलाकार भगवंत मान ने हाजिर जवाबी में संसद के बजट सत्र में सत्ता पक्ष और अन्य दलों के सांसदों को तो लगभग एक किनारे ही किए रखा।
वित्त मंत्री अरुण जेटली द्वारा पेश किए गए आम बजट में तो विभिन्न योजनाओं के लिए भारी-भरकम राशि का हिसाब था, लेकिन भगवंत मान इस हिसाब-किताब पर भी सवाल खड़े करने में सबसे आगे रहे।
बजट पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि बजट में 100 स्मार्ट सिटी 7000 करोड़ में बनाने की बात की गई है। यानि एक सिटी के लिए 70 करोड़ रुपए।
मान ने कहा कि आजकल एक मॉल बनाने में 250 करोड़ रुपए लग जाते हैं। पता नहीं ये कैसी प्लानिंग है जहां 70 करोड़ में एक सिटी बन रही है। उन्होंने कहा कि स्मार्ट सिटी की बात करते हैं पर स्मार्ट गांव की बात नहीं करते।
‘जिसे फौजी ने हराया, वही रक्षामंत्री’
अमृतसर में कैप्टन अमरिंदर सिंह की जीत और अरुण जेटली की हार पर भगवंत मान ने बीते दिनों सवाल उठाया कि जिसे अमृतसर में एक फौजी (कैप्टन) ने हरा दिया उसे देश का रक्षामंत्री बना दिया गया है।
मान ने कहा कि ऐसा नहीं होना चाहिए, ये लोगों के साथ धोखा है। जिन लोगों को नेताओं ने नकार दिया या जो नेता हार गया हो उनके लिए ऐसा नियम होना चाहिए कि उन्हें या तो 2 या 3 साल कोई जिम्मेदारी वाला पद नहीं देना चाहिए या फिर दोबारा जीत कर संसद में आने को कहना चाहिए नहीं तो हमारी जीत का क्या फायदा?
भगवंत मान पहले भी कह चुके हैं कि वे वित्तमंत्री जेटली को सदन में बोलने नहीं देंगे। दरअसल, कुछ महीने पहले भगवंत मान अरुण जेटली से मुलाकात करना चाहते थे, तब जेटली ने यह कहकर उनसे मिलने से इंकार कर दिया था कि पहले चुनकर आइये फिर बात कीजिये।
अब चूंकि भगवंत मान चुनाव जीतकर संसद पहुंचे है और अरुण जेटली हारकर भी राज्यसभा से पहुंचे और मंत्री बने हैं। ऐसे में भगवंत मान उन पर निशाना साधने का कोई मौका नहीं छोड़ रहे।
मान ने इस कविता के जरिए संसद में रखी अपनी बात
ढाई सौ करोड़ में बनता है मॉल, 70 करोड़ में शहर कैसे बसेगा
पहले किराया बढ़ाया रेल का
फिर नंबर आया तेल का
खुद ही दस साल करते रहे नुक्ताचीनी
आते ही दो रुपए किलो महंगी कर दी चीनी
हर कोई सपने दिखाकर आम आदमी को ठग रहा है
आम लोगों को अब डर चीन से नहीं चीनी से लग रहा है
दुनिया मून पर, सरकार हनीमून पर
पूछ रहे पूरे देश के चायवाले हैं
महंगाई की वजह से खाली चाय के प्याले हैं
लोगों को तो बस दो वक्त की रोटी के लाले हैं
सरकार जी बता दीजिए, अच्छे दिन कब आने वाले हैं?
पता नहीं है कि इराक है किस इलाके में
भारतीय फंसे हैं इराक में, सुषमा जी गईं थी ढाके में
बंगला देश को विदेश मंत्रालय का ये बफ्द दस दिन बाद नहीं जा सकता था
क्या कंधार की तर्ज पर विदेशमंत्री का जहाज बगदाद नहीं जा सकता था
हमारे देश के लोग बहुत हिम्मतवाले हैं
जिन्होंने इस महंगाई के दौर में भी बच्चे पाले हैं
लूटने वाले ज्यादा, बस गिनती के रखवाले हैं
प्लीज सरकार जी बता दीजिए, अच्छे दिन कब आने वाले हैं?
मेरे सपने में कल रात बुलेट ट्रेन आई
मैंने कहा जी बधाई हो बधाई
सुना है तुम मेरे देश आ रही हो
देश में तरक्की की स्पीड बढ़ा रही हो
बुलेट ट्रेन बोली, मेरा शिकवा किसी गाय या भैंस से नहीं
बिजली से चलती हूं, गोबर गैस से नहीं
प्रधानमंत्री के भाषण लोगों को खूब जंचे
विदेशों से काला धन वापस आने में 50 दिन बचे हैं
हम तो आम आदमी पार्टी वाले हैं
हमने तो हर सरकार से डंडे खाने हैं
हमने तो सड़को और पार्लियामेंट में ये पूछने के लिए मोर्चे संभाले हैं
कि बताइए, अच्छे दिन कब आने वाले हैं?
‘किसे गोलक दा मुंह इहनां स्कूलों वल भी कर देयो’
बीते सप्ताह सांसद भगवंत मान ने अपने ऑफिशियल पेज पर पंजाब के एक सरकारी स्कूल की दयनीय हालत का फोटो पोस्ट करके इन दिनों जारी एचएसजीपीसी विवाद पर अलग सवाल उठाया है। वे इसे गुरुद्वारों के गोलक (दान पात्र) पर कब्जे की लड़ाई मान रहे हैं।
मान ने मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल को आड़े हाथों लेते हुए कहा है कि ये फोटो लुधियाना जिले के एक स्कूल की किसी ने भेजी है। मेरे पास शब्द नहीं हैं। ‘बादल साहब जत्थेदारां दी डयूटी हरियाणे दी गोलकां ते ला रहे ने। किसे गोलक दा मुंह इहनां स्कूलों वल भी कर देयो।’