फिल्म ‘पीके’ के समर्थन में जनसंघर्ष समिति के बैनर तले शहीद-ए-आजम भगतसिंह विचार मंच के सदस्यों ने लघु सचिवालय में प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद मंच के अध्यक्ष संजीव वालिया की अध्यक्षता में डीसी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा गया।
उन्होंने मांग की कि विचारों की अभिव्यक्ति की आजादी पर हमला करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए और फिल्म देखने वालों को सुरक्षा प्रदान की जाए, हरियाणा में फिल्म को टैक्स फ्री किया जाए।
प्रदर्शन के बाद मुख्यमंत्री को सौंपा ज्ञापन
ज्ञापन में समिति के सदस्य जरनैल सिंह सांगवान ने कहा कि फिल्म में ऐसा कुछ नहीं है जिसका विरोध किया जाए। फिल्म देखना या न देखना लोगों की भावना और रुचि पर निर्भर करता है, जोर जबरदस्ती व हिंसा से फिल्मकार की अभिव्यक्ति की स्वंतत्रता पर रोक लगाना देश व प्रदेश के लिए शुभ संकेत नहीं है।
जनसंघर्ष समिति के सदस्य एडवोकेट धर्मपाल सिंह चौहान ने कहा कि संविधान ने सभी को यह आजादी दी है कि वह अपनी मर्जी अनुसार गीता, कुरान, बाइबल व गुरुग्रंथ साहिब पढ़ सकता है।
समाज में अंधविश्वास व पाखंड फैलाने का अधिकार किसी को नहीं है। उन्होंने कहा कि धर्म के नाम पर कारोबार करने वालों पर रोक लगनी चाहिए और धर्म का राजनीति से घालमेल नहीं करना चाहिए।
मंच सदस्यों ने धर्म को कारोबार बताया
प्रदर्शन की अध्यक्षता कर रहे संजीव वालिया ने कहा कि नौजवानों के प्रेरणा स्त्रोत शहीद-ए-आजम भगतसिंह के विचारों को पढ़ना और पढ़ाना आज भी उतना ही जरूरी है जितना गुलामी के समय था। देश को राजनीतिक आजादी तो मिली, लेकिन आर्थिक आजादी आज भी कोसों दूर है।
उन्होंने कहा कि धर्म एक कारोबार का रूप लेता जा रहा है। उन्होंने मांग की कि अभिव्यक्ति की आजादी की रक्षा की जाए और संविधान के विरुद्ध आपत्तिजनक गतिविधियां करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।
फिल्म में धर्म पर किसी प्रकार की चोट नहीं
उधर, हरियाणा बैकवर्ड व मजदूर क्रांति मोर्चा के अध्यक्ष जय चंद चौहान ने कहा कि फिल्म में धर्म पर किसी भी प्रकार की चोट नहीं की है। फिल्म निर्माता ने यदि चोट की है तो पाखंड और अंधविश्वास पर। इस मौके पर मोर्चा के दरबारी लाल चौहान, भोपाल चंद, शिव राम चौधरी, राजेंद्र कश्यप, नरेश चौधरी व अन्य मौजूद रहे।