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शुरू होने वाला है बेअंत सिंह मर्डर केस का ट्रायल

Thu, 06 Aug 2015 02:41 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की हत्या के मामले में बुड़ैल जेल से फरार हुए खालिस्तान लिबरेशन फोर्स (केएलएफ) के सदस्य जगतार सिंह तारा के खिलाफ जल्द ही केस का ट्रायल शुरू हो जाएगा। सूत्रों के अनुसार बुड़ैल जेल प्रशासन की ओर से अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश की कोर्ट को एक पत्र लिखा गया था।
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इसमें उन्होंने तारा के खिलाफ बेअंत सिंह हत्याकांड का ट्रायल शुरू करने की अपील की थी। इस पर अदालत ने दिल्ली सीबीआई को नोटिस जारी कर जवाब मांगा। सीबीआई ने भी केस में ट्रायल शुरू करने पर सहमति जताई। इसके बाद अदालत ने जेल प्रशासन को इस संबंध में पत्र भेज दिया है।

इसके तहत तारा को 20 अगस्त को पेश करने के लिए नोटिस किया है। बेअंत सिंह के हत्यारोपियों पर प्रशासन की ओर से सीआरपीसी की धारा 268 लगाई गई थी। इस कारण उसे बुड़ैल जेल से बाहर नहीं निकाला जा सकता। इसलिए संभवत: उसकी पेशी वीडियो कांफ्रेंसिग के जरिए ही की जाए।
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गौरतलब है कि पंजाब पुलिस ने इसी वर्ष की शुरुआत में तारा को थाइलैंड से गिरफ्तार किया था। उसके खिलाफ संबंधित केस का ट्रायल धारा 268 लगी होने के कारण बुड़ैल जेल में ही चलाया जा सकता है। वहीं, बेअंत सिंह हत्याकांड से जुड़ा सारा कोर्ट रिकार्ड सुप्रीम कोर्ट में है, जहां से केस रिकार्ड समन करवाया जा सकता है।

1995 में हुआ था आत्मघाती हमला
पंजाब सिविल सचिवालय की बिल्डिंग के पास 31 अगस्त 1995 को हुए बम ब्लास्ट में पंजाब के तत्कालीन सीएम बेअंत सिंह की मौत हो गई थी। इस ब्लास्ट में 17 अन्य लोगों की भी मौत हुई थी। केएलएफ के दिलवार सिंह जयसिंहवाला ने यह आत्मघाती हमला किया था। इस हत्याकांड में दोषी पाए गए बलवंत सिंह राजोआणा को पटियाला जेल में 31 मार्च 2012 को फांसी देने के वारंट अदालत ने जारी किए थे। हालांकि किन्हीं कारणों से केंद्र सरकार ने इस फैसले पर रोक लगा दी।

9 में से 6 को हो चुकी है सजा
केस के कुल 9 आरोपियों में से 6 को 27 जुलाई 2007 को तत्कालीन अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश रवि कुमार सोंधी ने दोषी पाते हुए सजा सुनाई थी। इन्हें हत्या, हत्या के प्रयास, आत्महत्या के लिए उकसाना, आपराधिक साजिश रचने और एक्सप्लोजिव एक्ट की धारा 4, 5 व 6 के तहत दोषी पाया गया था। सजा पाने वालों में जगतार सिंह हवारा, शमशेर सिंह, लखविंदर सिंह, नसीब सिंह, बलवंत सिंह और गुरमीत सिंह शामिल थे।

वहीं नसीब सिंह को एक्सप्लोजिव एक्ट की धारा-5 में दोषी पाया गया था। इसके अलावा नवजोत सिंह को बरी कर दिया गया था। वहीं वर्ष 2004 में बुड़ैल जेल ब्रेक कर फरार हुए परमजीत सिंह भ्यौरा को बाद में सजा हुई थी, जबकि तारा इसी साल गिरफ्त में आया है। उसके खिलाफ केस में अधूरा रहा ट्रायल अब शुरू होगा।

जेल ब्रेक केस भी होगा शुरू
जगतार सिंह तारा की थाईलैंड से गिरफ्तारी के बाद पंजाब के दर्ज उसके खिलाफ केसों में उसकी पेशी के बाद उसे चंडीगढ़ लाया गया। यहां चंडीगढ़ पुलिस ने उसकी रिमांड लेने के लिए अपील की, लेकिन जिला अदालत से लेकर हाईकोर्ट तक में पुलिस की सभी दलीलें फेल साबित हुईं और वह तारा का रिमांड हासिल नहीं कर सकी। ऐसे में अब तारा के खिलाफ बुड़ैल जेल ब्रेक केस भी जल्द ही शुरू हो सकता है।

यूटी पुलिस के ऑपरेशन सेल को उसके खिलाफ अदालत में चालान पेश करना है। इसके बाद सीजेएम कोर्ट में उसके खिलाफ आरोप तय कर संबंधित केस का ट्रायल शुरू होगा। वहीं जेल ब्रेक के अन्य आरोपियों के खिलाफ अंतिम बहस पर चल रहा है। संभवत: इसी माह केस का फैसला आ सकता है।

आरोपियों में कई जेल अधिकारी-कर्मियों समेत अन्य आरोपी शामिल हैं। जगतार सिंह हवारा, परमजीत सिंह भ्यौरा, जगतार सिंह तारा और हत्या के मामले में सजायाफ्ता देवी सिंह जनवरी 2004 में 94 फीट लंबी सुरंग खोदकर जेल से फरार हो गए थे।
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