चंडीगढ़। गैर संचारी रोगों में हृदय रोग का अनुपात सबसे ज्यादा है। हर साल देश में सबसे ज्यादा मौतें इसके मर्ज से ग्रस्त मरीजों की हो रही है। चिंता की बात यह है कि पहले शहरों में इसके मरीजों की संख्या ज्यादा हुआ करती थी, लेकिन अब गांव में भी आंकड़ा बराबर अनुपात में आ गया है। इसका मुख्य कारण गांवों में खान-पान और रहन-सहन के तरीके पर शहरीकरण हावी होना है। यह बातें पीजीआई सामुदायिक चिकित्सा विभाग के प्रो. जेएस ठाकुर ने वीरवार को वर्ल्ड एनसीडी फेडरेशन, डब्ल्यूएचओ, एम्स दिल्ली के सहयोग से संस्थान में शुरू हुए छह दिवसीय (2 से 7 मार्च) कार्यक्रम में बतौर वक्ता कहीं। कार्यक्रम का उद्घाटन पंजाब के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के प्रधान सचिव वीके मीणा, प्रो. जेएस ठाकुर और पीजीआई के सबडीन प्रो. आरके रोठो ने की।
गैर संचारी रोगों से बचाव के लिए सार्वजनिक स्वास्थ्य दृष्टिकोण पर आयोजित अंतरराष्ट्रीय पाठ्यक्रम के आठवें संस्करण में अलग अलग क्षेत्रों से आए विशेषज्ञों ने अपनी राय पेश की। प्रो. जेएस ठाकुर ने बताया कि मौजूदा समय में देश में 28 प्रतिशत मौतें अकेले हृदय रोग से हो रही है। विभाग द्वारा पंजाब के गावों में किए गए सर्वे में रिस्क फैक्टर काफी ज्यादा पाया गया है क्योंकि अब गांव के लोगों का खानपान और काम करने का तरीका तेजी से बदल रहा है। वहां भी बर्गर, पिज्जा और अन्य फास्ट फूड का सेवन ज्यादा होने लगा है। लोग उपकरणों का प्रयोग करने लगे हैं। शारीरिक श्रम कम होता जा रहा है। डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट के अनुसार भारत में दिल के दौरे से हर 33 सेकेंड में एक व्यक्ति की मौत हो रही है। भारत में हर साल करीब 20 लाख लोग दिल के दौरे से पीड़ित हो रहे हैं, जिनमें ज़्यादातर युवा हैं।
इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज
- सीने व छाती में तेज दर्द, भारीपन महसूस होना
- पसीना ज्यादा आना
- घबराहट होना व सांस लेने में तकलीफ
- जी मचलाना, उल्टी व चक्कर आना
- पेट के ऊपरी हिस्से में दर्द व जलन से बैचेनी
यूं कर सकते हैं बचाव
- दिनचर्या में बदलाव कर मानसिक तनाव कम करे
- वजन व कॉलेस्ट्रॉल को नियंत्रित रखे
- जंकफूड व वसायुक्त भोजन, शराब और धूम्रपान से परहेज
- रोज एक घंटे व्यायाम व घूमना, साइकिल चलाए, खेलकूद में शामिल हो
- खाने में नमक की मात्रा कम करे
- 40 साल से अधिक आयु वाले ब्लड प्रेशर व शुगर नियंत्रित रखे और उसकी नियमित जांच कराए।