चंडीगढ़। रेस्तरां में एमआरपी से अधिक कीमत पर मिनरल वाटर बेचना काननून गलत नहीं है। यह बात जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने शिकायतकर्ता की शिकायत खारिज करते हुए कही। आयोग ने कहा कि रेस्टोरेंट की ओर से 20 रुपये के पानी की बोतल के लिए 99 रुपये चार्ज करना गलत नहीं है। आयोग के अनुसार, विधिक माप विज्ञान अधिनियम, 2009 और बाट और माप अधिनियम 1976 होटल और रेस्टोरेंट को मिनरल वाटर और पेय पदार्थ एमआरपी से अधिक सर्व करने पर रोक नहीं लगाता।शिकायतकर्ता सेक्टर-64 निवासी हर्ष वासु गुप्ता ने सेक्टर-26 स्थित ड्रिंकरी रेस्तरां के खिलाफ उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग में शिकायत दी थी जिसे उपभोक्ता आयोग ने खारिज कर दिया। हर्ष वासु गुप्ता ने उपभोक्ता आयोग को दी शिकायत में कहा कि वह अपने दोस्तों और परिवार के साथ चार अप्रैल 2021 को इस रेस्तारां में गए थे। इस दौरान उन्होंने खाने-पीने के 20 आइटम मंगवाए। इसमें दो पानी की बोतलें भी शामिल थीं। रेस्तारां ने 20-20 रुपये की पानी की दो बोतलों के लिए 198 रुपये ले लिए।
उपभोक्ता आयोग ने दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद कहा कि शिकायतकर्ता ने अपने दोस्तों के साथ खाना खाया जिसका कुल बिल 9,834 रुपये का बना। इसमें दोनों पानी की बोतलों का 99-99 रुपए रेट भी शामिल है। हालांकि इनका वास्तविक मूल्य 20-20 रुपये था। ड्रिंकरी ने शिकायतकर्ता और उसके दोस्तों को सर्विस प्रदान की और उन्होंने माहौल का आनंद लिया। ऐसे में यह देखना जरूरी है कि क्या शिकायतकर्ता का केस बाट और माप अधिनियम 1976 के तहत कवर होता है। साथ ही शिकायतकर्ता रेस्तरां द्वारा दी गई सेवाओं में कोताही को साबित नहीं कर पाया। लिहाजा आयोग ने इस शिकायत को वाजिब न मानते हुए खारिज कर दिया है।