प्रॉपर्टी दो क्षेत्रों से संबंधित होती है। एक नगर परिषद और दूसरी गमाडा की। ऐसे में संबंधित दफ्तर में जाकर प्रॉपर्टी के बारे पता करना चाहिए। बिल्डर को जारी हुआ गमाडा और रेरा का लाइसेंस भी देखना चाहिए। रजिस्ट्री करवाने के लिए पूरी पड़ताल से जाना चाहिए। रजिस्ट्री में लिखी शर्तों को पढ़ना चाहिए। पजेशन लेने से पहले सारा काम करवाना चाहिए।
सोशल मीडिया के जरिए बना रहे हैं शिकार
मोहाली में कारोबार करने वाले बिल्डर काफी शातिर हैं। वह सोशल मीडिया के माध्यम से हिमाचल, उत्तराखंड, यूपी, जम्मू कश्मीर और पंजाब के अन्य जिलों के लोगों को अपना निशाना बनाते हैं। वह कई तरह के ऑफर भी देते हैं। ऑफर में स्कूटर से लेकर कार तक शामिल है। जब लोग इनके चक्कर में फंस जाते है तो फिर वह उनकी सुनवाई तक नहीं करते हैं। लेनिक बाद में परेशानी उठानी पडती है। बड़े-बडे बिल्डर जिनके होर्डिंग सड़कों के किनारे लगे होते हैं, वह भी ठगी में सबसे आगे होते हैं। गमाडा एक ऐसे ही बिल्डर पर मुल्लांपुर में कार्रवाई कर चुका है। उसकी काटी अवैध कालोनी तोड़ी गई थी।
जब कहीं बात न बने तो यह राह चुने
सीनियर एडवोकेट प्रितपाल सिंह बासी बताते हैं कि किसी कालोनी में प्लॉट, फ्लैट या शोरूम खरीदने से पहले यह देखे कि कालोनी मंजूर है या नहीं है। कालोनी काटने वाले ने रेरा का लाइसेंस लिया है या नहीं। उसने सीएलयू या अन्य दस्तावेज लिए हैं या नहीं। इसके साथ जो वादा बिल्डर ने सौदे के समय किया था, उसे पूरा कर रहा है या नहीं। अगर वह तय समय में सुविधाएं नहीं देता है तो लोगों को संबंधित प्राधिकरण में शिकायत करनी चाहिए। इसके बाद बात न बने तो कंज्यूमर कोर्ट समेत अन्य अदालतों की शरण ले सकते हैं।
रजिस्ट्री के अलावा पैसे मांगे तो डीसी को करें शिकायत
प्रॉपर्टी कारोबार से जुड़े अशोक झा बताते है कि प्रॉपर्टी खरीदने से पहले पुडा की वेबसाइट /www.puda.gov.in पर विजिट करना चाहिए। यहां पर मंजूर कालोनियों और प्रॉपर्टी से जुड़ी सारी जानकारी उपलब्ध है। इसके अलावा तहसील ऑफिस, नगर काउंसिल दफ्तर और गमाडा दफ्तर पर भी पड़ताल की जा सकती है। रजिस्ट्री के लिए सरकारी फीस तय है। उतना ही भुगतान करें। कोई परेशान करता है या अतिरिक्त पैसे मांगता है तो डीसी से शिकायत कर सकते हैं।