लोगों को ट्रैफिक नियम समझाने वाली पुलिस भी कई बार ऐसी गलतियां कर देती है, जिसका खामियाजा लोगों को बेवजह भुगतना पड़ता है। ऐसा ही ताजा मामला सेक्टर-66 निवासी व्यक्ति यादविंद्र सिंह से जुड़ा है।
उनके मुताबिक पुलिस ने उनकी गाड़ी को रेड लाइट जंप करते रोका था, लेकिन उनका चालान लाल बत्ती लगाने का काट दिया है। इस चीज का उन्हें तब पता चला जब वह चालान भरने की तैयारी कर रहे थे। उन्होंने बताया कि इसके लिए डीटीओ दफ्तर भी गए, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
शिकायत की तो सुनवाई नहीं हुई
यादविंद्र ने बताया कि वह सेक्टर-66 के रहने वाले हैं। सात जनवरी को अपनी बोलेरो से मोहाली की तरफ आ रहे थे। जब वह गुरुद्वारा सिंह शहीदां के लाइट प्वाइंट पर हरी बत्ती होने पर गुजर रहे थे। तभी अचानक लाल बत्ती हो गई। वहीं, पुलिस कर्मियों की उनकी गाड़ी पर नजर पड़ गई। पुलिस ने उनको रोक लिया और साथ ही कहा कि उन्होंने रेड लाइट जंप की है।
इस दौरान उन्होंने अपनी तरफ से कई दलीलें दीं, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद पुलिस वालों ने चालान काट उनके हाथ में थमा दिया। वह भी चालान लेकर अपने काम पर चले गए, लेकिन जब वह चालान भरने के लिए चले तो उन्होंने एक बार चालान पढ़ा।
उन्होंने देखा कि रेड लाइट जंप की जगह पुलिस वालों ने उनका लाल बत्ती लगाने का चालान काट दिया है। फिर वह डीटीओ दफ्तर पहुंचे, उन्होंने इस बारे में अधिकारियों को बताया, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई।
रेट लाइट का 300, लाल बत्ती का चालान 1000
यादविंद्र ने बताया कि लाल बत्ती लगाने का जो चालान काटकर उन्हें दिया गया है, उसके लिए उन्हें एक हजार रुपये भरने पड़ेंगे। जबकि रेड लाइट जंप करने का चालान मात्र तीन सौ रुपये का है।
बाइक वाले का सीट बेल्ट का काट दिया था चालान
इससे पहले ट्रैफिक पुलिस ने फेज-7 में बाइक पर जा रहे एक युवक को बिना हेलमेट चलाते रोका था, लेकिन युवक को सीट बेल्ट न पहनने का चालान काटकर पकड़ा दिया था। इसको अमर उजाला ने मुद्दे को उठाया था। इसके बाद पुलिस ने अपनी गलती मानी थी।