बाढ़ से मुश्किल में घिरे पंजाब के लोगों को भाखड़ा ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड (बीबीएमबी) ने बड़ी राहत दी है। बीबीएमबी ने मौसम केपूर्वानुमान को देखते हुए भाखड़ा से जल निकासी घटा दी है। अब स्लिप-वे से 41000 क्यूसेक की जगह सिर्फ 18500 क्यूसेक पानी छोड़ा जाएगा।
बीबीएमबी के चेयरमैन डीके शर्मा ने चंडीगढ़ स्थित मुख्यालय में मीडिया से बातचीत में कहा कि 1988 में पंजाब में आई सबसे बड़ी बाढ़ से भी बड़ा खतरा टाला गया है। 17-18 अगस्त की रात मानसून और वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के कारण भाखड़ा बांध में इनफ्लो 311130 क्यूसेक बढ़ गया, जो 1988 से भी ज्यादा था। एकाएक इतने पानी को संभालना मुश्किल था। 19 अगस्त को जलस्तर 1681.33 फीट तक पहुंच गया। जो निर्धारित क्षमता 1680 फीट से ज्यादा था।
बांध की सुरक्षा को देखते हुए 19 अगस्त को शाम चार बजे 41000 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। 16 अगस्त को जलस्तर 1674 फीट था, तभी से मौसम के पूर्वानुमान को देखते हुए 19000 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा था। शर्मा ने कहा कि हिमाचल में 2011 के बाद यह दूसरी रिकॉर्ड बारिश थी। वहां 358 प्रतिशत ज्यादा बारिश हुई, जिससे खड्डों में बहुत ज्यादा पानी आ गया। अभी भाखड़ा का जलस्तर 1679.3 फीट है, इसे 1676 फीट तक लाया जाएगा। मेट के प्रमुख डॉ. एसपी सिंह ने बताया कि दस सितंबर तक ज्यादा बारिश केआसार नहीं है। इसलिए फिलहाल खतरा नहीं है।