राम रहीम की 'दुलारी' हनीप्रीत ना नेपाल, ना राजस्थान में है। न विपासना न दिलावर को पता है कि हनीप्रीत कहां है, लेकिन इस शख्स को पता हो सकता है! दरहसल, बठिंडा के कांग्रेस पार्षद इकबाल सिंह ढिल्लों रोहतक की सुनारिया जेल में सजा काट रहे डेरा मुखी राम रहीम से मुलाकात करने के लिए, उसकी मां के साथ ड्राइवर बनकर पहुंच गए, लेकिन जेल प्रशासन ने उन्हें मिलने की इजाजत नहीं दी।
वीरवार को राम रहीम की मां नसीब कौर उससे मिलने के लिए सुनारिया जेल पहुंची थी। उसकी गाड़ी को चलाकर कांग्रेस नेता इकबाल सिंह ले गए थे, जिन्होंने जेल की मुलाकात रिकॉर्ड में अपना नाम इकबाल सिंह पुत्र अंग्रेज सिंह, पता कोठी नंबर 323 भारत नगर बठिंडा दर्ज करवाया था। जैसे ही शहर के लोगों को पता चला कि कांग्रेसी पार्षद आरोपी राम रहीम से मिलने गए थे तो विरोधियों ने जमकर भड़ास निकाली और उनके इस कृत्य पर ऐतराज जताया।
लापता हनीप्रीत भी इस पार्षद के संपर्क में हो
प्रियंका तनेजा ऐसे बनी राम रहीम की हनीप्रीत
कांग्रेसी नेता भूपिंदर सिंह गोरा ने कहा कि कांग्रेस पार्षद इकबाल सिंह का चेहरा बेनकाब हो चुका है, ऐसे पार्षद ही अपराधियों को बढ़ावा देते हैं। उन्होंने शंका जताई कि हो सकता है लापता हनीप्रीत भी इस पार्षद के संपर्क में हो।
इस बारे में उन्होंने पार्टी हाईकमान को अवगत करवा दिया है। पार्षद इकबाल सिंह डेरा मुखी के समधी हरमंदर सिंह जस्सी के करीबी हैं, जो कुछ दिन पहले हरियाणा के डीजीपी बीएस संधू से मिलने गए थे, हालांकि उनकी मुलाकात नहीं हो पाई थी।
इस संबंध में पार्षद इकबाल सिंह ढिल्लों से बात की गई तो उन्होंने बताया कि वह तो वीरवार को जेल में राम रहीम से मुलाकात करने नहीं गए थे। उनका पता जो जेल मुलाकात रिकार्ड में दर्ज करवाया गया है वो केयर आफ करके दर्ज करवाया था। वे खुद पता कर रहे हैं कि उनका पता किसने दर्ज करवाया है।