पंजाब के पठानकोट एयरफोर्स स्टेशन में आतंकी हमले के बाद बठिंडा कैंट की सुरक्षा भी कड़ी कर दी गई है। सुरक्षा के लिहाज से कैंट में कामकाज के लिए रोज आने वाले सिविलियन पर कैंट अथारिटी की तरफ से पाबंदी लगा दी गई।
कैंट के पूरे क्षेत्र में सेना के जवानों ने गश्त बढ़ा दी है। विशेषकर कैंट के उस हिस्से को ज्यादा तवज्जो दी जा रही है जो सुनसान है और हाईवे के साथ लगता है।
इस क्षेत्र में सेना की तरफ से तार लगाए गए हैं, लेकिन कुछ लोग तार के नीचे से घुसकर लकड़ी उठाने के लिए चले आते थे, जिनमें ज्यादा महिलाएं होती हैं।
सूत्रों के अनुसार कैंट में प्राइवेट ठेकेदारों की तरफ से कई तरह के काम किए जा रहे है। इनमें कैंट के समीप गांव भुच्चो खुर्द और आस पास के लोग दिहाड़ी कर काम करते थे। इन्हीं को रविवार कैंट में दाखिल नहीं होने दिया गया।
बठिंडा कैंट के जिस क्षेत्र में ज्यादा पेड़ लगे हुए थे, उनको सुरक्षा के लिहाज से छांटना शुरू कर दिया गया है। पूरी तरह से बाहरी व्यक्तियों पर नजर रखी जा रही है ताकि कोई अज्ञात व्यक्ति तार को फांदकर कैंट में दाखिल न हो सक्रे।
काफी महत्वपूर्ण है बठिंडा
बठिंडा कैंट सेना का सबसे महत्वपूर्ण स्थान है। यहां एम्यूनिशन डिपो है जिस में भारी मात्रा में गोला बारूद के अलावा हथियार पडे़ हैं। इसके अलावा बठिंडा मानसा हाईवे पर स्थित हिंदुस्तान पेट्रोलियम का पेट्रोल डिपो भी बिल्कुट कैंट के साथ सटा हुआ है जहां पर भी पंजाब पुलिस द्वारा सुरक्षा बढ़ा दी गई है।