घायलों से सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने की मुलाकात
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मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह शुक्रवार को पटाखा फैक्ट्री में हुए धमाके में मारे गए लोगों के परिजनों को सांत्वना दी। इस दौरान कैबिनेट मंत्री तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा, मंत्री अरुणा चौधरी, मंत्री सुखजिंदर रंधावा, पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रधान सुनील जाखड़ और जिले के सभी प्रशासनिक अधिकारी मौजूद थे। सीएम सबसे पहले सिविल अस्पताल पहुंचे और घायलों का हाल-चाल जाना।
इसके बाद वह घटनास्थल पर पहुंचे और गुरु रामदास कालोनी के लोगों से बातचीत की। उन्होंने मृतकों के परिवार वालों से भी बातचीत की। इसके बाद सीएम ने पूरे राज्य में रिहायशी इलाके में चल रही अवैध पटाखा निर्माण इकाइयों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के आदेश दिए।
सीएम ने मुख्य सचिव और डीजीपी को ऐसे गैर कानूनी यूनिट को बंद करवाने के लिए सख्त हिदायतें दी। इसके अलावा डीसी को धमाके से आस पास की इमारतों को पहुंचे नुकसान का अनुमान जल्द लगाने का आदेश दिया ताकि प्रभावित लोगों को मुआवजा दिया जा सके।
इस दौरान एक सवाल में सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि इस घटना से जुड़े कारणों का पता लगाने के लिए उन्होंने पहले ही मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दे दिए हैं। सीएम ने कहा कि 2017 में इसी जगह पर हुए धमाके की जांच रिपोर्ट अभी लंबित है। इस रिपोर्ट से संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी।
उन्होंने कहा कि मृतकों के वारिसों को 2-2 लाख रुपये देने और घायलों के लिए फ्री इलाज मुहैया करवाने के लिए पहले ही एलान कर दिया गया है। सीएम ने कहा कि उनकी सरकार आने से पहले 2017 में इस फैक्ट्री में हादसा हुआ था। उस समय उसकी जांच की गई थी। वह यह जानना चाहते हैं कि वह जांच कहां गई।
उन्होंने कहा कि 2017 की जांच में उस समय के संबंधित अधिकारियों को भी शामिल किया जाएगा जो 2017 में अपने-अपने पदों पर थे। सीएम ने कहा कि मुआवजे की राशि देने का मापदंड पूरे सूबे में एक सा है और पीड़ितों को मुआवजे की राशि उन्हीं मापदंडों के अनुसार ही दी जाती है।