हादसास्थल देखकर भगवंत मान ने कहा कि कीमती जानों के साथ-साथ दूर-दूर तक के घरों और दुकानों-वर्कशॉपों का नुकसान करोड़ों में बनता है। मान ने मांग की है कि मृतकों के परिजनों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा और परिवार के एक योग्य व्यक्ति को सरकारी नौकरी देने के साथ-साथ घरों-दुकानों के नुकसान की 100 प्रतिशत भरपाई सरकार करे।
मान ने कहा कि पंजाब के अनेकों शहर-कस्बे बटाला की तरह बारूद के ढेर पर बैठे हैं। रासायनिक और ज्वलनशील जखीरे होने के कारण औद्योगिक शहर लुधियाना में भी आगजनी की घटनाएं आम हैं। मान ने मांग की है कि दीवाली के मद्देनजर ऐसे अन्य हादसों से बचने के लिए सरकार जरूरी पुख्ता कदम उठाए।
मान ने आम लोगों को भी अपील की है कि वह खुद भी अपने और अपने आसपास संबंधी सचेत रहें। इस मौके पर भगवंत मान के साथ माझा जोन के प्रधान कुलदीप सिंह धालीवाल, शहरी प्रधान शेरी कलसी, डॉ. केजे सिंह कादियां, पीटर मसीह, दलबीर सिंह टौंग (बाबा बकाला), जसबीर सिंह, सुर सिंह खेमकरन, रणजीत सिंह चीमा (पट्टी), देव राज और जगदीश मौजूद थे।