पंजाब की महिला क्रिकेट खिलाड़ी हरमनप्रीत कौर
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पंजाब के मोगा की बेटी हरमनप्रीत कौर भुल्लर ने देश का नाम रोशन किया है। ऑस्ट्रेलिया में होने वाले महिला बिग बैश में उनके चयन के बाद घर में खुशी का माहौल है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) की ओर से भारतीय महिला क्रिकेटरों को विदेशी लीग में खेलने की इजाजत दी गई थी।
भारतीय महिला क्रिकेट टीम की उप कप्तान हरमनप्रीत कौर भुल्लर देश की पहली महिला क्रिकेटर बनी हैं, जिनका किसी विदेशी टी-20 फ्रेंचाइजी ने अपनी टीम के लिए चयन किया है। उनको कई अन्य टीमों ने भी अपने साथ जोड़ने की कोशिश की थी। इस साल आस्ट्रेलिया में टी-20 लड़ी में भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने आस्ट्रेलिया को 2-1 से हराया था।
हरमंदर सिंह भुल्लर और सतविंदर कौर ने बताया कि उनकी बेटी हरमनप्रीत का जन्म अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के दिन 8 मार्च 1989 को हुआ। हरमनप्रीत ने अपनी प्राथमिक शिक्षा भूपिंदरा खालसा गर्ल्स स्कूल और दसवीं की परीक्षा सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल से पास की। पारिवारिक सदस्यों ने बताया कि उनकी बेटी ने न सिर्फ मोगा बल्कि पूरे पंजाब का नाम रौशन किया है।
उन्होंने बताया कि हरमनप्रीत कौर अपनी दसवीं की पढ़ाई के दौरान लड़कों से क्रिकेट खेलती थी। वह आज भारतीय महिला क्रिकेट टीम में जा पहुंची। पिता हरमंदर सिंह ने बताया कि जिले के गांव दारापुर स्थित ज्ञान ज्योति स्कूल के चेयरमैन कमलदीश सिंह सोढी ने हरमनप्रीत का जज्बा देख उसे अपने स्कूल में ग्यारहवी में दाखिला दिया।
इस स्कूल के कोच यादविंदर सिंह सोढी ने हरमनप्रीत कौर को तराश कर हीरा बना दिया। हरमनप्रीत ने पंजाब स्कूल खेलों में भोपाल में अंडर-19 का नेतृत्व किया। पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन की तरफ से अंडर-19 में हुए मैच में बतौर उप कप्तान होते हुए जीत हासिल की। इसके बाद में सीनियर वर्ग में भाग लिया और पंजाब को दूसरा स्थान मिला। अब तक हरमनप्रीत इंग्लैंड, आस्ट्रेलिया, वेस्ट इंडीज के खिलाफ शानदार प्रदर्शन कर चुकी है। पंजाब कांग्रेस के सचिव डॉ. हरजोत ने कहा कि हरमनप्रीत कौर ने इतिहास रचा है।