मिस इंडिया फर्स्ट रनरअप मीनाक्षी चौधरी
पिता लेफ्टिनेंट कर्नल बीआर चौधरी की कुछ माह पहले ही मौत हो गई थी। लेकिन इन विपरीत हालातों में भी सिटी गर्ल मीनाक्षी चौधरी मिस इंडिया फेमिना 2018 के रैंप पर अपने आत्मविश्वास एवं संकल्प संग फर्स्ट रनरअप रहीं। इस खिताब को जीतकर वे मंगलवार को शहर आईं तो उनकी मां एवं भाई ने उनका एयरपोर्ट पर स्वागत किया। उनकी मां बेटी को देखकर खुशी के आंसू संभाल नहीं सकीं।
इसके बाद शाम सवा छह बजे सिटी की ब्यूटी मिस इंडिया फेमिना रनरअप मीनाक्षी एलांते स्थित बिग बाजार मॉल में दर्शकों से रूबरू होने पहुंचीं। गौरतलब है कि एफबीबी फेमिना मिस इंडिया 2018 का ग्रैंड फिनाले मुंबई में 19 मई को हुआ, जहां मीनाक्षी ने अपने खूबसूरती के जलवे बिखेर दिए। उन्होंने टॉप 30 फाइनलिस्ट्स में शानदार एंट्री की।
इस दौरान उन्होंने कहा कि उनकी जिंदगी का एक मात्र मंत्र हर लक्ष्य को अपनी मेहनत एवं लगन से पाना है क्योंकि जिंदगी में हम जो चाहते हैं वो हमें सिर्फ मेहनत के दम पर मिलता है। सेंट सोल्जर स्कूल से पास आउट मीनाक्षी ने मिस इंडिया 2018 में बेहतरीन प्रदर्शन किया। वे नेशनल डेंटल कालेज डेराबस्सी में बीडीएस की थर्ड ईयर की छात्रा हैं। एलांते माल के बिग बाजार स्टोर में मिस मीनाक्षी वास का पारंपरिक तरीके से तिलक लगाकर स्वागत किया गया।
डाक्टर बनने का है सपना
मीनाक्षी ने बताया कि वे डाक्टर बनना चाहती हैं। साथ ही कहा कि वे अपने लक्ष्य को लेकर काफी सीरियल हैं। कमाल की बात ये है कि एक माडल होन के साथ वह बैडमिंटन और स्वीमिंग कंपीटीशन में हिस्सा लिया है। वह बताती हैं कि उन्हें कविता पढ़ने एवं लिखने का काफी शौक है। लेकिन हाइट और पर्सनालिटी की वजह से मॉडलिंग की दुनिया में कदम रखा। वे मिस इंडिया हरियाणा 2018 का खिताब भी अपने नाम कर चुकी हैं।
मिस इंडिया रनरअप मीनाक्षी सीएम से मिली
एफबीबी कलर्स फेमिना मिस इंडिया 2018 की फर्स्ट रनरअप मीनाक्षी चौधरी ने मंगलवार को मुख्यमंत्री मनोहर लाल से मुलाकात की। पंचकूला की रहने वाली मीनाक्षी चौधरी मुंबई में आयोजित मिस इंडिया-2018 में फर्स्ट रनरअप के रूप में चुनी गई हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की बेटियां आज हर क्षेत्र में नाम कमा रही हैं और अपने परिवार व प्रदेश का नाम रौशन कर रही हैं।
पहले जिस प्रदेश को लिंगानुपात की बुरी स्थिति के लिए बदनाम किया जाता था, सरकार के तीन सालों में लगातार किये गए प्रयासों से आज हरियाणा को लिंगानुपात में सुधार और संतुलित करने के लिए जाना जाता है। उन्होंने कहा कि हरियाणा की बेटियों में प्रतिभाओं की कमी नहीं है।