कोरोना वायरस के चलते हुए लॉकडाउन के बाद जहां एक और अदालतें स्कूल कॉलेज जैसे संस्थान बंद पड़े हैं, वही समाज के लिए योगदान देने वाले भी पीछे नहीं हट रहे हैं। समाज सेवा की ऐसी ही एक मिसाल सेक्टर 38 में रहने वाली एडवोकेट कनू शर्मा ने पेश की है। एलएलएम तथा जूडिशियरी की तैयारी करने वाले छात्रों के लिए कोचिंग सेंटर बंद होने के बाद आई मुसीबत की घड़ी में एडवोकेट कन्नू शर्मा ने उनका सहयोग करने का फैसला लिया।
उन्होंने इन छात्रों को मुफ्त में कोचिंग मुहैया करवाने के लिए लोमस लाइब्रेरी नाम का प्लेटफार्म चुना। कनू शर्मा ने बताया कि बहुत से ऐसे छात्र थे, जो विभिन्न कोचिंग सेंटर से एलएलएम की प्रवेश परीक्षा तथा जूडिशियरी की परीक्षा के लिए तैयारी कर रहे थे। कोरोनावायरस के चलते हुए लॉकडाउन के बाद इन छात्रों के पास कोई विकल्प मौजूद नहीं रहा। इन छात्रों को होने वाली परेशानी को देखते हुए उन्होंने इन छात्रों को मुफ्त में ऑनलाइन कोचिंग देने का फैसला लिया।
कनू शर्मा ने कहा कि समाजसेवा किसी भी तरीके से हो सकती है और उन्होंने छात्रों को मुफ्त कोचिंग देकर समाज सेवा करने का फैसला लिया है। उन्होंने कहा कि अदालतों में काम बंद है। ऐसे में घर में खाली बैठने से बेहतर यह है कि अपने समय का सदुपयोग किया जाए और ज्ञान को बांटा जाए। हरियाणा, पंजाब और चंडीगढ़ के बड़ी संख्या में छात्र उनके साथ जुड़े हैं और इस सेवा का लाभ उठा रहे हैं। उन्होंने समाज के बुद्धिजीवी वर्ग के लोगों से अपील की कि वे इस संकट की घड़ी में सामने आए और इस प्रकार के जरूरतमंद लोगों के बीच ज्ञानवर्द्धन का कार्य करें।