जीरकपुर निवासी समाजसेवी सोनू सेठी ने हादसों में घायल करीब छह हजार घायलों को अपनी एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचाकर मिसाल कायम की है। सोनू जीरकपुर की प्रीत कॉलोनी में रहते हैं। वह ढाबा मालिक हैं। चंडीगढ़-अंबाला हाईवे पर हादसा होने के बाद घायलों को मदद करने के लिए हमेशा तत्पर रहते हैं। हादसों में घायल लोगों को अस्पताल पहुंचाना उनकी प्राथमिकता है।
समाजसेवी सोनू सेठी ने बताया कि छह वर्ष पहले जो पौधा लगाया था, वह आज वृक्ष बनकर तैयार हो चुका है। इसकी छांव में खड़े होकर लोग ठंडी हवा का आनंद ले रहे हैं। यह बात वर्ष 2010 की है, सुबह के समय वह अपने ढाबे पर और सफाई में जुट गए। इस दौरान हाईवे पर एक तेज रफ्तार टिप्पर और बाइक में टक्कर हो गई। हादसे के बाद सोनू तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे।
उन्होंने देखा कि टिप्पर की टक्कर के बाद बाइक पर सवार दो युवक दर्द से कराह रहे थे। उन्हें तड़पता हुआ देख सोनू से रहा नहीं गया और उन्होंने दोनों घायल युवकों को अस्पताल पहुंचाने के लिए राहगीरों से मदद के लिए गुहार लगाई, लेकिन दोनों युवकों की मौत हो गई। इस हादसे के बाद उन्होंने समाजसेवा करने का फैसला किया।
एंबूलेंस चलाने वालों को ढाबे पर दी नौकरी
आमतौर पर ढाबा पर नौकरी पाने वालों के लिए खाना बनाना या साफ सफाई करना जरूरी होता है। लेकिन समाजसेवी सोनू सेठी ने इसमें बदलाव करते हुए अपने ढाबे पर मौजूद स्टाफ को एंबुलेंस चलाना अनिवार्य कर दिया। इसके लिए उन्होंने अपने स्टाफ को ट्रेनिंग दी। इसके अलावा सड़क हादसों के दौरान स्थिति से कैसे निपटा जाए, इसके लिए उदाहरण देकर स्टाफ को मोटिवेट किया।
गायकी का भी शौक रखते हैं
समाजसेवी सोनू सेठी बिजनेसमैन होने के अलावा गायकी का भी शौक रखते हैं। पंजाब के मशहूर गायक गुरदास मान के प्रशंसक हैं और उन्हें अपना आदर्श मानते हैं। उनसे प्रेरित होकर सोनू सेठी ने स्टेज शो आयोजित करते हैं और शो के दौरान अपने गीतों से श्रोताओं का मनोरंजन करते हैं।