विमान पर सवार होकर विद्या की देवी मां सरस्वती लद्दाख जाएंगी। वहां पर सैनिक उनकी पूजा करेंगे। मां की प्रतिमा सेक्टर-47 स्थित कालीबाड़ी में तैयार हो रही है। इसके लिए प्रतिमाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
चार फरवरी को बसंत पंचमी है। बसंत पंचमी के दिन विद्या की देवी माता सरस्वती की पूजा की जाती है। सेक्टर-47 में तैयार हो रही प्रतिमाओं को पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश के विभिन्न शहरों के अलावा चंडीगढ़, श्रीनगर, जम्मू सहित अन्य इलाकों में भक्त ले जाएंगे और प्रतिमाओं की पूजा करेंगे।
बन रहीं प्रतिमाएं छह इंच से लेकर नौ फूट तक हैं। इनका अलग अलग डिजाइन है। आकर्षक परिधान में मां को सजाया जा रहा है। इसके लिए दो महीना से छह मूर्तिकार लगातार काम कर रहे हैं।
सजावट का सामान कोलकाता से मंगाया गया है। प्रतिमाओं का शुल्क चार सौ रुपये से लेकर दस हजार तक है। बड़ी प्रतिमाओं को स्थानीय लोग अधिक पसंद करते हैं।
दूर के लिए भेजी जानी वाली प्रतिमाओं को सावधानी पूर्वक पैक किया जा रहा है। कालीबाड़ी में छोटी बड़ी मिलाकर करीब 120 प्रतिमाएं बनाई गई है।
प्रतिमाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। प्रतिमाओं में अलग अलग डिजाइन है। मां की प्रतिमा लद्दाख जा रही है। शुक्रवार को विमान से जाएंगी। वहां के लोगों ने मां की प्रतिमा का आर्डर दिया था। प्रतिमा तैयार कर दिया गया है। सैनिक मां की प्रतिमा की पूजा करेंगे।
खोकन अधिकारी, मूर्तिकार, कालीबाड़ी सेक्टर-47 चंडीगढ़