बरोदा हलके के उपचुनाव के लिए छिड़ी जंग मंगलवार को मतदान के साथ थम गई। हलके के 280 बूथों पर 68.94 प्रतिशत मतदान हुआ। कई जगह मतदान केंद्र के बाहर मारपीट व हंगामा भी हुआ। मतदान के बाद सभी प्रत्याशियों का भाग्य ईवीएम में कैद हो गया है।
विधानसभा सीट पर काफी बूथों पर जहां शुरुआत में लाइन लगी थी, वहीं कुछ जगह दोपहर बाद मतदाता घरों से निकलकर वोट डालने पहुंचे। जिस तरह से समय बढ़ता गया, उसी तेजी से मतदान प्रतिशत बढ़ता गया। जितने बूथों की रात तक रिपोर्ट जमा हुई थी, उनके आधार मतदान प्रतिशत 69 फीसदी रहा। इस तरह पिछले वर्ष 2019 में हुए 68 प्रतिशत मतदान को देखते हुए इस बार कुछ ज्यादा लोग अपने घरों से निकलकर वोट डालने पहुंचे।
मतदान से पहले मंगलवार सुबह मॉकपोल कराया गया, जिसमें आठ मशीनें खराब हो गई। उन मशीनों को तुरंत ही बदलवाया गया। उसके बाद मतदान शुरू हुआ तो सात बूथों पर ईवीएम में खराबी आ गई और यह खराबी मतदान शुरू होते ही आने से कुछ परेशानी हुई लेकिन उन बूथों पर ईवीएम बदलकर दोबारा मतदान शुरू कराया गया। इसके बावजूद भी शुरुआत में नौ बजे तक मतदान प्रतिशत केवल 13 प्रतिशत तक पहुंच गया।
उसके बाद भी लगातार लोग वोट डालने के लिए घरों से निकलते रहे और मतदान प्रतिशत मंगलवार देर रात तक 68.94 प्रतिशत तक पहुंच गया। जिसके बाद ईवीएम को मोहाना के बीट्स कॉलेज में बने स्ट्रांग रूम में रखवाया गया है और वहां देर रात तक ईवीएम रखने का कार्य चलता रहा। वहां थ्री टायर सुरक्षा लगातार रहेगी, जिनमें सीआईएसएफ, आईआरबी और स्थानीय पुलिस को रखा गया है। इस तरह से सभी प्रत्याशियों का भाग्य ईवीएम में कैद हो गया है और मतगणना 10 नवंबर को होने पर चुनाव का परिणाम आएगा।
कंट्रोल रूम से अधिकारियों की रही नजर, हिस्ट्रीशीटर के आने की सूचना पर दौड़े
मतदान के दौरान सभी बूथों पर नजर रखने के लिए गोहाना के लघु सचिवालय में नियंत्रण कक्ष बनाया गया था। जहां अधिकारियों के अलावा तकनीकी विशेषज्ञों की टीम पूरे दिन तैनात रही। मतदान केंद्रों को सीधे वेबकास्ट के जरिये जोड़ा गया था और सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से निगरानी रखी गई।
किसी भी तरह की सूचना मिलने पर सेक्टर मजिस्ट्रेट व अन्य अधिकारियों को भेजा जा रहा था। ईवीएम में तकनीकी समस्याओं को भी सीधे नियंत्रण कक्ष से ही मॉनिटर किया गया। डीसी श्यामलाल पूनिया व एसपी जश्नदीप रंधावा ने भी मतदान केंद्रों का निरीक्षण किया।
इस बीच ही मंगलवार दोपहर को आहुलाना व मदीना गांव में रोहतक के एक हिस्ट्रीशीटर की एक नेता के साथ आने की सूचना मिली, जिस पर डीसी व एसपी खुद वहां पहुंच गए। कांग्रेस नेताओं ने इसको लेकर हंगामा किया और इस मामले में चुनाव आयोग से शिकायत करने की बात भी कही है।