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खुलासाः गुरुसर बेअदबी मामले में भी वांछित हैं डेरा कमेटी के तीनों सदस्य, तलाश रही एसआईटी

Wed, 08 Jul 2020 11:20 AM IST
खुशबू गोयल राजीव शर्मा, फरीदकोट
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सांकेतिक तस्वीर
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श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी का पावन स्वरूप चोरी करने के मामले में राम रहीम के साथ नामजद डेरे की नेशनल कमेटी के तीन सदस्यों की एसआईटी पिछले डेढ़ साल से तलाश कर रही थी। यह तीनों आरोपी 2015 में बठिंडा के गांव गुरुसर में पावन स्वरूप की बेअदबी करने की घटनाओं में नवंबर 2018 में ही नामजद हो चुके हैं और इनकी उसी समय से एसआईटी को तलाश थी।
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अब बरगाड़ी केस में भी नामजद होने के बाद एसआईटी ने फरीदकोट की अदालत से इनके अरेस्ट वारंट जारी करवाने के लिए याचिका दायर की है, जिस पर 8 जुलाई बुधवार को सुनवाई होनी है। वहीं पिछले 24 घंटे के दौरान एसआईटी ने डेरा कमेटी के नामजद सदस्यों हर्ष धूरी, प्रदीप कलेर और संदीप बरेटा की तलाश में पंजाब और हरियाणा में करीब 25 ठिकानों पर छापेमारी की।
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गुरुसर की घटना में डेरे से लाए थे पावन स्वरूप के अंग

एसआईटी प्रमुख और डीआईजी रणबीर सिंह खटड़ा के अनुसार उनकी पड़ताल में सामने आया है कि बरगाड़ी बेअदबी की घटना को डेरे की नेशनल कमेटी की तीनों सदस्यों की निगरानी और डेरा प्रमुख की शह पर अंजाम दिया गया। उन्होंने दावा किया कि बरगाड़ी केस में तो बुर्ज जवाहर सिंह वाला से चोरी किए गए स्वरूप के अंगों की बेअदबी की गई थी जबकि बठिंडा के गुरुसर की घटना में पावन स्वरूप के अंग डेरा सिरसा से लाए गए थे।

उन्होंने कहा कि 2018 के दौरान गुरुसर समेत 2015 में मोगा के गांव मल्लके के पेश आई बेअदबी की घटना और 2011 में आगजनी मामले की 2018 में पड़ताल के दौरान बरगाड़ी केस से संबंधित कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए थे जिसके चलते एसआईटी ने कम समय में ही आरोपियों के खिलाफ चालान पेश कर दिया है। एसआईटी की तरफ से डेरा कमेटी सदस्यों की काफी सरगर्मी के साथ तलाश की जा रही है और उन्हें जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

एसआईटी की पड़ताल में सामने आया है कि डेरा अनुयायियों में रोष था कि सिख जत्थेबंदियों के साथ विवाद के कारण ही डेरा प्रमुख को श्री अकाल तख्त से मिली माफी को रद्द कर दिया गया था। इसी वजह से पंजाब में डेरा प्रमुख की एमएसजी सीरीज की फिल्मों को रिलीज करने की अनुमति नहीं दी जा रही थी। इसी विवाद के बीच डेरा अनुयायियों ने पावन स्वरूप की बेअदबी करने की साजिश रची थी।
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