निजीकरण के खिलाफ जालंधर में बैंककर्मियों की हड़ताल दूसरे दिन भी जारी रही। प्रदर्शन में लगभग 350 बैंक शाखाओं के तीन हजार से अधिक कर्मचारियों ने भाग लिया। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के कन्वीनर अमृतलाल ने कहा कि सरकार सार्वजनिक बैंकों का निजीकरण करने में तुली हुई है। 12 लाख करोड़ के करीब ऋण एनपीए है, जिसके लिए सरकार कोई सख्त कदम नहीं उठा रही है। कॉरपोरेट जगत से जुड़े लोगों ने बैंकों से जो ऋण ले रखा है, वे देने का नाम नहीं ले रहे हैं।
फिरोजपुर में बैंक के बाहर धरना
फिरोजपुर में बैंक कर्मियों ने छावनी स्थित एसबीआई की मुख्य ब्रांच के पास धरना दिया। कर्मचारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कर्मचारी नेता प्रेम शर्मा और सुखपाल ने कहा कि केंद्र सरकार सरकारी बैंकों को निजी हाथों में सौंप रही है, यह गलत है। बैंकों के निजी हाथों में चले जाने से आम जनता को काफी नुकसान होगा।
सांसद परनीत कौर ने केंद्रीय वित्त मंत्री को लिखा पत्र
पटियाला में भी दूसरे दिन बैंकों की हड़ताल जारी। कर्मचारियों ने पंजाब नेशनल बैंक सर्किल ऑफिस और छोटी बारादरी के बाहर रैली की गई। बाद में जुलूस की शक्ल में बाजारों से होते हुए रैली को किला मुबारक चौक तक ले जाया गया। पंजाब बैंक इंप्लाइज फेडरेशन के महासचिव एवं एआईबीईए के संयुक्त सचिव एसके गौतम ने बताया कि बैंक कर्मचारियों की हड़ताल को सांसद परनीत कौर ने समर्थन दिया है और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को पत्र लिखकर मांगों पर गौर करने की मांग की है।