चंडीगढ़। पॉश सेक्टर-9 बी निवासी कारोबारी गुरशेर सिंह पन्नू से 70 लाख रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। आरोप है कि बैंक ऑफ बड़ौदा के प्रबंधक ने अलग-अलग चेक की राशि कारोबारी के खाते में क्रेडिट करने के बजाय अपने चहेतों के निजी खातों में क्रेडिट कर दी। बैंक प्रबंधन को पहले ही इस गड़बड़झाले का पता लग गया और प्रबंधक को निलंबित कर दिया गया। इस बारे में पुलिस को शिकायत दी गई, जिसके आधार पर अब सेक्टर-34 थाने में निलंबित प्रबंधक इंद्राज मीना के खिलाफ धोखाधड़ी की धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया गया है।
एसएसपी को दी गई शिकायत में पीड़ित ने बताया कि बैंक में उनका करंट अकाउंट है। वर्ष 2022 से वह इस खाते से नियमित कारोबार कर रहे हैं। इसी खाते में उनका सारा लेन-देन होता है। उन्होंने कुछ समय पहले कुछ लोगों को लोन दिया था। इनमें जगननाथ को 21 लाख, जसकरण सिंह को पांच लाख, श्री गोवर्धन को 17.90 लाख, सिमरनदीप सिंह को 18 लाख रुपये दिए थे। अपने पैसे की सुरक्षा के लिए उन्होंने इन लोगों से सेक्टर-34 स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा की उसी शाखा में बैंक खाता खुलवा लिया था।
लोन लेने वाले इन लोगों ने इसके एवज में उनके साथ कुछ समझौते किए थे, जो उनके पास मौजूद है। लोनकर्ताओं के पास लोन चुकाने के लिए उनके बैंक खातों में पर्याप्त धन था लेकिन बैंक मैनेजर इंद्राज ने लोन लेने वालों के खाते से करीब 70 लाख रुपये उनके खाते में ट्रांसफर करने के बजाय अपने कुछ चहेतों के निजी खातों में ट्रांसफर कर उनके साथ धोखाधड़ी की। इस बारे में पुलिस ने शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
बैंक प्रबंधक ने ऐसे किया खेल
शिकायतकर्ता ने बताया कि अगस्त 2023 में उन्होंने जसकरण सिंह को दिए लोन की एवज में दिया गया चेक अपने खाते में लगाने के लिए प्रबंधक मीना को दिया था लेकिन उसने चेक अपने पास ही रखा। 3 अगस्त 2023 को मीना ने जसकरण सिंह के खाते से 15 लाख रुपये चेक के जरिए विशाल ठाकुर नामक व्यक्ति को हस्तांतरित कर दिए। विशाल ठाकुर इंद्राज का सहयोगी है। बाद में विशाल ने यह पैसा मीना को हस्तांतरित कर दिया। यह खुलासा जसकरण सिंह के बैंक खाते से हुआ। इसी तरह से सितंबर 2023 में सिमरनदीप की ओर से कारोबारी को दिया गया 16.20 लाख का चेक भी मीना ने 22 सितंबर को अपने साथी शुभम शर्मा के खाते में स्थानांतरित कर दिया। इसी तरह कुछ अन्य चेक भी उसने अपने सहयोगियों के खाते में भुना दिए और 70 लाख का चूना लगा दिया।