केंद्रीय ट्रेड यूनियनों और फेडरेशनों की ओर से दो सितंबर को राष्ट्रव्यापी हड़ताल की जा रही है। यह हड़ताल मोदी सरकार के वादाखिलाफी के विरोध में की जा रही है। चंडीगढ़ में भी हड़ताल होगी। इसकी तैयारियां अलग अलग संगठनों और कर्मचारी संगठनों के लोग कर रहे हैं।
दो सितंबर को वित्तीय संस्थान, सरकारी क्षेत्र के बैंक, जीवन बीमा निगम, जनरल इंश्योरेंस, बीएसएनएल, पोस्ट आफिस, एजी ऑफिस, चंडीगढ़ प्रशासन और नगर निगम के कर्मचारी, ट्रांसपोर्ट, हाउसिंग बोर्ड, इंडस्ट्री के मजदूर हड़ताल में शामिल होंगे। सीटीयू वर्कर्स यूनियन के नेताओं का कहना है कि दो सितंबर को एक भी बस नहीं चलेगी।
इंप्लाइज फोरम के कन्वीनर राजीव सहगल ने बताया कि केंद्र की मोदी सरकार ने लोकसभा के आम चुनाव में किए वादों को भूल गए। यूटी पावरमेन यूनियन के महासचिव गोपाल दत्त जोशी का कहना है कि बिजली कर्मचारी भी हड़ताल पर रहेंगे।
सीटीयू वर्कर्स यूनियन के प्रधान भूपिंदर सिंह, महासचिव रंजीत सिंह हंस, जतिंदर पाल सिंह और सतिंदर सिंह ने कहा कि प्रशासन के अधिकारी सुनवाई नहीं कर रहे हैं। नेताओं ने कहा कि आउटसोर्स से ड्राइवर और कंडक्टर की भरती नहीं होनी चाहिए।