अगर कहीं जरूरत हुई तो चुनाव आयोग से लेनी होगी अनुमति
चंडीगढ़। हरियाणा की 34 निकाय संस्थाओं के चुनावों से जुड़े कर्मचारियों और अधिकारियों के तबादले पर हरियाणा सरकार ने तुरंत प्रभाव से रोक लगा दी है। मतदाता सूचियों को अंतिम रूप देने में जुटे किसी कर्मचारी-अधिकारी को अब स्थानांतरित नहीं किया जाएगा। अगर किसी अधिकारी व कर्मचारी का तबादला जरूरी हुआ तो इसके लिए हरियाणा राज्य चुनाव आयोग से मंजूरी लेनी होगी। इस संबंध में मुख्य सचिव कार्यालय की राजनीतिक शाखा ने सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों, बोर्ड-निगमों के प्रबंध निदेशक, मंडलायुक्त और उपायुक्तों को निर्देश जारी कर दिए हैं।
हरियाणा में पहले चरण में होने वाले शहरी निकाय चुनाव के लिए छह जनवरी को अंतिम मतदाता सूचियां प्रकाशित कर दी जाएंगी। दो जनवरी तक इन अपीलों का निपटान करेंगे और छह जनवरी को फाइनल मतदाता सूचियां जारी कर दी जाएंगी।
गौरतलब है कि हरियाणा में पंचकूला, रेवाड़ी, पानीपत और चरखी दादरी को छोड़कर शेष 18 जिलों में निकाय चुनाव लंबित हैं। इनमें पहले चरण में गुरुग्राम, फरीदाबाद, मानेसर नगर निगम में मेयर और पार्षद के आम चुनाव और अंबाला और सोनीपत में मेयर के उपचुनाव कराए जाएंगे। नगर परिषदों में अंबाला छावनी, पटौदी और सिरसा में अध्यक्ष और पार्षदों के चुनाव होंगे। कालांवाली नगर पालिका का केस अदालत में चल रहा है, इसलिए वहां बाद में चुनाव कराए जाएंगे। इसी तरह थानेसर नगर परिषद का चुनाव भी बाद में होगा। पांच नगर निगमों करनाल, पानीपत, हिसार, रोहतक और यमुनानगर में चुनाव दूसरे चरण में कराए जाएंगे।
इन नपा संस्थाओं में होने हैं चुनाव
इसी तरह बराडा़, बवानीखेड़ा, लोहारू, सिवानी, फर्रुखनगर, जाखल मंडी, नारनौंद, बेरी, जुलाना, कलायत, पूंडरी, इंद्री, नीलोखेड़ी, अटेली मंडी, कनीना, तावडू, हथीन, कलानौर, खरखौदा व रादौर नगर पालिका के अध्यक्ष और पार्षद के चुनाव होने हैं। यहां चुनाव 14 फरवरी तक करा लिए जाएंगे।