डायरेक्टर जनरल सिविल एविएशन के आदेश के बाद जिला पुलिस ने पठानकोट में ड्रोन उड़ाने पर पूर्ण तौर पर पाबंदी लगा दी है। जारी आदेश के मुताबिक इंटरनेशनल बॉर्डर के 25 किलोमीटर एरिया में ड्रोन नहीं उड़ाया जा सकेगा, इसके अलावा आर्मी, एयरफोर्स समेत अन्य डिफेंस एरिया के 3 किलोमीटर एरिया में ड्रोन एक्टिविटी नहीं की जा सकेगी। वहीं मिलिट्री अस्पताल के 2 किमी एरिया में भी ड्रोन उड़ाने पर पाबंदी रहेगी।
एसपी ऑपरेशन हेमपुष्प ने आदेश की पुष्टि करते हुए बताया कि इस संबंधी सभी ड्रोन ऑपरेटर और फोटोग्राफरों को समझाया जा चुका है। उन्होंने बताया तय नियमों के अनुसार अंतरराष्ट्रीय सीमा, बीएसएफ, आर्मी, एयरफोर्स और एमएच के लिए विभिन्न दूरी की कैटेगरी निर्धारित की गई है, पर चारों तरफ से आर्मी, बीएसएफ, एयरफोर्स और भारत-पाक सीमा से घिरे पठानकोट के शायद ही किसी छोर से ड्रोन उड़ाया जा सकेगा। ऐसे में शादी समेत अन्य समारोहों में ड्रोन उड़ाने की योजना बनाए बैठे लोगों को निराश होना पड़ेगा।
पठानकोट के बमियाल, नरोट जैमल सिंह सीमा से सटे हैं। वहां से शहर की दूरी 20 से 22 किमी है, ऐसे में शहर भी 25 किमी दायरे में आ गया, इसके अलावा एयरफोर्स स्टेशन शहर के पास है, इधर से भी शहर का काफी हिस्सा प्रतिबंधित हो गया। वहीं मामून मिलिट्री स्टेशन, एमएच और माधोपुर में बीएसएफ को भी आंका जाए तो पठानकोट में कहीं भी ड्रोन उड़ाने की परमिशन नहीं मिल पाएगी। एसपी ने बताया कि उन्हें डीजीसीए की ओर से दिशा निर्देश मिले थे, जिन्हें लागू करवाया जा रहा है। लोगों को सूचित किया जा रहा है, फिर भी किसी ने ड्रोन उड़ाया तो आईपीसी के तहत क्रिमिनल केस दर्ज होगा।