पंजाब सरकार ने राज्य के स्कूलों में टीचिंग और नॉन-टीचिंग के विभिन्न कैडर के 3186 पद भरने का फैसला लिया है। मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रिमंडल की मीटिंग में स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा लाए प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई। प्रस्ताव के अनुसार उप जिला शिक्षा अधिकारी और सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूलों के प्रिंसिपल के 132 पद, मुख्य अध्यापक /मुख्य अध्यापिकाओं के 311, विभिन्न विषयों के मास्टरों और मिस्ट्रेस के 2182 पद, ब्लॉक प्राथमिक शिक्षा अधिकारियों के 32 पद, ईटीटी के 500, लॉ अधिकारियों के 4 और कानूनी सहायकों के 25 पद भरे जाएंगे।
इस फैसले से प्रोबेशन के पहले तीन साल के दौरान सरकारी खजाने पर 42 करोड़ रुपये का सालाना वित्तीय बोझ पड़ेगा। हालांकि, प्रोबेशन पीरियड पूरा हो जाने के बाद मुलाजिमों को पूरा स्केल मिलेगा, जिससे खजाने पर सालाना 197 करोड़ रुपये का वित्तीय बोझ पड़ेगा। मीटिंग के बाद सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि मंत्रिमंडल के इस फैसले से स्कूलों में स्टाफ की कमी दूर होगी।
मीटिंग में मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को रोजगार के लिए तैयार करने के उद्देश्य से स्कूलों में कोर्स शुरू करने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने रोजगारन्मुखी शिक्षा की अहमियत का जिक्र करते हुए कहा कि सीनियर कक्षाओं में विभिन्न विषयों जैसे आतिथि, मोबाइल रिपेयर आदि के रोजगार मुखी कोर्स शुरू किए जाएं। उल्लेखनीय है कि प्रिंसिपल, हेडमास्टरों और बीपीईओ को छोड़कर सभी पदों को डायरेक्टोरेट ऑफ रिक्रूटमेंट द्वारा भरा जायेगा। प्रिंसिपल, हेडमास्टरों और बीपीईओ की भर्ती पंजाब लोक सेवा आयोग के द्वारा की जायेगी।
राज्यपाल के अभिभाषण से शुरू होगा विधानसभा का दो दिवसीय विशेष सत्र
पंजाब मंत्रिमंडल ने विधानसभा का दो दिवसीय विशेष सत्र बुलाने के लिए राज्यपाल वीपी सिंह बदनौर को अधिकृत किया है। इसके साथ ही मंत्रिमंडल ने संविधान की 126वें संशोधन की पुष्टि करने का प्रस्ताव लाने और वस्तुएं एवं सेवाएं एक्ट को कानूनी रूप देने के लिए मंजूरी दे दी है। सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह के नेतृत्व में मंत्रिमंडल ने भारतीय संविधान की धारा 174(1) के अंतर्गत 15वीं विधानसभा का 10वां सत्र 16-17 जनवरी को बुलाने के लिए राज्यपाल को सिफारिश करने का फैसला किया है।
मंत्रिमंडल द्वारा सत्र की शुरुआत का समय भी बदलने का फैसला भी लिया गया। प्रवक्ता ने बताया कि यह सत्र 16 जनवरी को अब सुबह 11 बजे राज्यपाल के भाषण के साथ शुरू होगा जबकि इससे पहले यह समय सुबह 10 बजे निर्धारित था। 17 जनवरी को सुबह 10 बजे दिवंगत शख्सियतों को श्रद्धांजलियां दी जाएंगी और इसके बाद संविधान (126वें संशोधन) बिल-2019 की पुष्टि के लिए प्रस्ताव पेश किया जायेगा। इसी दिन ही प्रस्तावित वैधानिक कामकाज के बाद सदन अनिश्चित समय के लिए उठ जायेगा। प्रवक्ता ने बताया कि मंत्रिमंडल ने नागरिक उड्डयन विभाग की साल 2018-19 की सालाना प्रशासकीय रिपोर्ट को भी मंजूरी दे दी है।