प्रशासन का कोई भी अधिकारी अपनी सरकारी कार को शहर से बाहर नहीं ले जा सकेगा। जरूरी होने पर भी पहले उसे अधिकारी से इजाजत लेनी होगी। बिना इजाजत कार को बाहर ले जाने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ एक्शन लिया जाएगा।
बेवजह बजट की बर्बादी रोकने के लिए यह आदेश पूर्व एडवाइजर विजय कुमार देव ने ट्रांसफर से पहले जारी किया था। उनके इस आदेश से कई अधिकारी खार खाए हुए हैं।
अधिकारियों का हर सप्ताह दिल्ली आना जाना लगा रहता है। कुछ तो शहर बाहर अपने निजी दौरों केलिए भी सरकारी गाड़ी का इस्तेमाल करते हैं। अपने घर या कहीं और सरकारी गाड़ी से ही जाते हैं। यानी काम निजी होते हैं लेकिन खर्चा सरकारी होता है। कई अधिकारियों की ऐसी बार-बार शिकायत आ रही थी। जिसको देखते हुए यह आदेश जारी किए गए।
सभी आईएएस, आईपीएस, आईएफएस, पीसीएस और एचसीएस को खासकर यह आदेश जारी किए गए हैं। ऑर्डर की कॉपी बड़े अधिकारियों के साथ सभी विभागाध्यक्षों को भी भेज दी गई है। दिल्ली की मीटिंग में शामिल होने के लिए भी अपनी गाड़ी का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। यानी गाड़ी को आउट स्टेशन नहीं ले जाया जा सकता। कभी ऐसी जरूरत भी पड़ती है पहले एडवाइजर की परमिशन लेनी होगी। अधिकारियों के साथ दूसरे सरकारी वाहनों पर भी यह नियम लागू रहेंगे।
हर सप्ताह दिल्ली ले जाते थे कार
एक अधिकारी हर सप्ताह अपनी कार दिल्ली ले जाते थे। उन्हें छोड़ने व लेने के लिए चंडीगढ़ से स्पेशल कार जाती थी। हालांकि अब उनका ट्रांसफर हो चुका है। उनके गाड़ी के प्रति मोह से उनका ड्राइवर भी खासा परेशान रहता था। कई दूसरे अधिकारी भी ऐसा करते हैं।