जिला योजना कमेटी की चेयरपर्सन अमनजोत कौर रामूवालिया ने अपने पद से इस्तीफा दे ही दिया। उनके पिता और हलका इंचार्ज बलवंत सिंह रामूवालिया के पार्टी छोड़ कर यूपी की सपा सरकार में मंत्री बनने के बाद से ही उनके जाने की भूमिका बन गई थी।
सियासी हलकों में यही कयास लगाए जा रहे थे कि रामूवालिया खुद इस्तीफा देती हैं या पार्टी उन्हें हटाती है। उन्होंने शिक्षामंत्री और पार्टी प्रवक्ता डॉ. दलजीत चीमा को इस्तीफा सौंपा।
रामूवालिया ने अपने इस्तीफे में मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल का धन्यवाद करते हुए कहा कि उन्होंने पंजाब के महत्वपूर्ण जिले के विकास के लिए उन्हें जिला योजना कमेटी चेयरपर्सन की सेवा दी।
इस जिम्मेदारी को उन्होंने कठिन मेहनत करके एक प्रमुख फर्ज के तौर पर लिया। रामूवालिया ने लिखा है कि कई बार समय अप्रत्याशित परिस्थितियों में प्रवेश कर जाता है। जहां फैसले लेने बड़ी जरूरत बन जाते हैं। इसलिए वह विनम्रता के साथ जिला योजना कमेटी की चेयरपर्सन की पदवी से इस्तीफा दे रहीं हैं।
गौरतलब है कि रामूवालिया के यूपी में मंत्री पद की शपथ लेने के बाद उस दिन सुबह अमनजोत कौर ने कहा था कि वह पार्टी की सच्ची सिपाही हैं और पहले की तरह ही पार्टी की सेवा करती रहेंगी।
लेकिन, शाम को अकाली दल के कई नेताओं ने रामूवालिया के पार्टी छोड़ने पर तीखी प्रतिक्रिया जताई थी। उन्होंने रामूवालिया को मौकापरस्त बताया था।
इसके बाद साफ हो गया था कि अमनजोत कौर रामूवालिया का जाना भी अब तय है। वहीं, मंगलवार को शहर के अकाली-भाजपा पार्षदों ने मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल से मुलाकात की। लेकिन, बादल ने नए चेयरपर्सन के बारे में कोई संकेत नहीं दिया।