चंडीगढ़। शहर में बाल संरक्षण तंत्र को मजबूत करने की दिशा में प्रशासन ने एक नई पहल की है। चंडीगढ़ के कॉलेजों और पंजाब विश्वविद्यालय में ‘बाल सारथी क्लब’ बनाए जाएंगे, जिनके माध्यम से युवाओं को बाल अधिकारों और संरक्षण की जिम्मेदारी से जोड़ा जाएगा।
इस संबंध में सामाजिक कल्याण, महिला एवं बाल विकास विभाग की सचिव अनुराधा चगती की अध्यक्षता में बैठक हुई। बैठक में विभाग की निदेशक डॉ. पालिका अरोड़ा, शहर के सरकारी कॉलेजों के प्रिंसिपल, पंजाब विश्वविद्यालय के प्रतिनिधि और यूटी चाइल्ड प्रोटेक्शन सोसाइटी की प्रोग्राम मैनेजर मौजूद रहीं।
सचिव अनुराधा चगती ने इस मौके पर ‘बाल सारथी क्लब’ का आधिकारिक लोगो भी लॉन्च किया। उन्होंने कहा कि यह पहल बच्चों को एक सुरक्षित वातावरण देने की दिशा में अहम कदम है। इससे कॉलेजों के छात्र न केवल बाल संरक्षण कानूनों की समझ विकसित करेंगे बल्कि ज़रूरत पड़ने पर कार्रवाई में भी आगे आएंगे।
हर क्लब में होगी प्रशिक्षित टीम
चंडीगढ़ के 23 कॉलेजों और पंजाब विश्वविद्यालय में बनने वाले क्लबों में छात्रों के साथ एक शिक्षक भी शामिल रहेगा। इन सभी को पहचानना, रिपोर्ट करना और रेफर करना जैसे कार्यों के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा। सामाजिक कल्याण विभाग इन क्लबों के लिए समय-समय पर सेंसिटाइजेशन कार्यक्रम आयोजित करेगा। इन कार्यक्रमों में छात्रों को बाल केंद्रित योजनाओं, प्रावधानों, कानूनों, समस्याओं और शिकायत निवारण प्रणाली की जानकारी दी जाएगी, जिससे वे जरूरतमंद बच्चों की पहचान कर सकें और उन्हें सहायता दिला सकें।