उन्होंने तदर्थ समिति से अलग सीनियर नेशनल चैंपियनशिप कराने का फैसला ले लिया। जिन राज्यों की फेडरेशन पर उनका प्रभाव है वहां बैठे अपने लोगों को जयपुर नेशनल में टीम नहीं भेजने का आदेश दिया है। पहले बृजभूषण ने यह दुष्प्रचार किया कि हम नेशनल नहीं होने देना चाह रहे लेकिन अब समिति सीनियर नेशनल चैंपियनशिप करवा रही है तो यह लोग फिर से अपनी निम्न मानसिकता का परिचय देने लग गए हैं।
वह स्पष्ट कर रहे हैं कि यह लोग कितना खिलाड़ियों का भला चाहते है। ऐसे कई खिलाड़ी हैं जो हमें कॉल कर कह रहे हैं कि वह नेशनल खेलना चाहते हैं। बृजभूषण के लोग उनको धमका रहे हैं और जयपुर में होने वाले नेशनल में नहीं खेलने का दबाव बना रहे हैं। बजरंग ने लिखा है कि वह बार-बार कह रहे हैं कि इनको खिलाड़ियों के भविष्य से कोई मतलब नहीं है। इन्हें तो बस अपना दबदबा दिखाना है। पहले यह दबदबा पहलवान बेटियों को दिखा रहे थे, अब खेल मंत्रालय, भारत सरकार को दिखा रहे हैं।
राज्यों की फेडरेशन में इनके चहेते बैठे हैं जब तक उन फेडरेशनों को भंग करके निष्पक्ष तरीके से फेडरेशनों का गठन नहीं किया जाएगा, तब तक यह लोग ऐसे ही अपना दबदबा दिखाते रहेंगे। उन्होंने खेल मंत्रालय से निवेदन किया कि सीनियर नेशनल चैंपियनशिप जरूर होनी चाहिए। अगर राज्य की फेडरेशन खिलाड़ियों को भाग लेने से रोक रही है तो ओपन नेशनल चैंपियनशिप करा दी जाए। खिलाड़ियों को भविष्य में कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और दबदबा दिखाने वालों का स्थायी इलाज करना जरूरी है। साथ ही उन्होंने लिखा कि मैंने हमेशा कुश्ती का भला चाहा है और आखिरी सांस तक चाहते रहेंगे।