नई खेल नीति के तहत कॉमनवेल्थ गेम्स में हरियाणा के पदक विजेताओं को सम्मानित करने के मामले में तल्खी कम होती नहीं दिख रही है। एक ही कार्यक्रम में पहुंचे मुख्यमंत्री मनोहर लाल और कॉमनवेल्थ गोल्ड मेडलिस्ट पहलवान बजरंग पूनिया के बीच शुक्रवार को भी खींचतान साफ दिखी। मुख्यमंत्री ने यहां कुश्ती अकादमी के शिलान्यास के अवसर पर खिलाड़ियों को नई खेल नीति मंजूर नहीं होने पर पुरानी नीति के आधार पर इनाम देने की बात कही। वहीं पहलवान बजरंग ने भी तुरंत साफ कह दिया कि सरकार ने पूरा इनाम नहीं दिया तो वह इनाम लेने नहीं जाएंगे।
बजरंग ने सीएम के मंच से भी किनारा कर करते हुए अपने कदम वापस खींच लिए। ओलंपिक मेडलिस्ट योगेश्वर दत्त उन्हें समझाकर साथ मंच पर लाए। खरखौदा में शुक्रवार को कुश्ती अकादमी का शिलान्यास करने सीएम मनोहर लाल पहुंचे थे। वहां कॉमनवेल्थ गेम्स के गोल्ड मेडलिस्ट पहलवान बजरंग पूनिया, ओलंपिक मेडलिस्ट योगेश्वर दत्त भी विशेष अतिथि थे। इस मौके पर सीएम ने कहा कि सरकार कॉमनवेल्थ गेम्स के पदक विजेताओं को पूरा सम्मान दे रही है। इसके लिए खेल नीति में बदलाव कर नई नीति बनाई गई थी। इस नीति पर खिलाड़ियों ने एतराज जताया है। अब सरकार पुरानी खेल नीति से ही खिलाड़ियों को सम्मान देगी।
...तो नहीं जाउंगा इनाम लेने
सीएम के बयान पर विशेष बातचीत में पहलवान बजरंग पूनिया ने साफ कहा कि सरकार पूरा सम्मान देगी तो वह हंसते हुए ले लेंगे। बजरंग ने कहा कि सभी को बराबर सम्मान मिलना चाहिए। रेलवे, सेना या अन्य किसी जगह से खेलने की बात कहकर खिलाड़ियों से भेदभाव नहीं होना चाहिए। बजरंग ने यहां तक कह दिया अगर सरकार पूरा इनाम नहीं देगी तो वह इनाम लेने के लिए नहीं जाएंगे।
मंच पर जाने से इनकार कर वापस उतरे, योगी मनाकर लाए
पहलवान बजरंग पूनिया जब अपने गुरु योगेश्वर दत्त के साथ कार्यक्रम में पहुंचे तो मंच पर पहले ही सीएम मनोहर लाल, वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु समेत भाजपा के अन्य नेता और आयोजक बैठे थे। बजरंग पूनिया मंच तक जरूर पहुंचे, लेकिन उन्होंने चढ़ने से पहले ही कदम खींच लिए और वह अतिथियों वाली आगे की लाइन में बैठ गए। यह देखकर योगेश्वर वापस आए और बजरंग को साथ मंच पर लेकर पहुंचे। आधे घंटे के कार्यक्रम के दौरान सीएम खट्टर और बजरंग पूनिया के बीच तल्खी साफ दिखी।