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किसानों को बैसाखी पर मिलेगा खास तोहफा, खुद मोदी देंगे

Mon, 28 Mar 2016 11:46 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, ऐलनाबाद (सिरसा)
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नरेंद्र मोदी - फोटो : PTI
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किसानों के अच्छे दिन आने वाले हैं। भाजपा सरकार देश की जनता को बैसाखी पर किसानों को तोहफा देने जा रही है। राष्ट्रीय कृषि बाजार योजना के अंतर्गत सिरसा की अनाजमंडी शीघ्र ही देश की पहली डिजिटल अनाज मंडी बनेगी। शुभारंभ आगामी 14 अप्रैल को देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। इस योजना के शुरू होने से क्षेत्र के किसान अपनी उपज को देश की किसी भी अनाजमंडी में अधिकतम मूल्य पर ऑनलाइन बेच सकेंगे। वहीं बिचौलियों की कालाबाजारी पर भी अंकुश लगेगा, जिसका सीधा फायदा किसान को होगा और कृषि एक घाटे का व्यवसाय नहीं रहेगी।
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ऐलनाबाद और करनाल को जोड़ा जाएगा प्रणाली
मार्केट कमेटी कार्यालय में आए हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड के मुख्य तकनीकी सलाहकार प्रेम सिंह ने बताया कि भारत सरकार राष्ट्रीय कृषि बाजार योजना के तहत देश की 558 मंडियों को इलेक्ट्रॉनिक ट्रेडिंग प्लेटफार्म के माध्यम से एकीकृत राष्ट्रीय कृषि बाजार बनाने जा रही है। इसमें हरियाणा राज्य की 54 मंडियों को शामिल किया जाएगा। इसके पहले चरण में हरियाणा की केवल 2 अनाज मंडियों ऐलनाबाद और करनाल को इस प्रणाली से जोड़ा जाएगा।

देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आगामी 14 अप्रैल को वैशाखी पर्व पर इन दोनो अनाज मंडियों सहित देश की कुल 21 मंडियों का शुभारंभ करेंगे। दूसरे चरण के तहत सितंबर 2016 तक 225, तीसरे चरण में मार्च 2017 तक 200 तथा शेष सभी मंडियों को मार्च 2018 तक इस योजना से जोड़ा जाएगा। इस प्रकार 2017-18 के वित्तीय वर्ष में देश की सभी मंडियां इलेक्ट्रॉनिक ट्रेडिंग प्लेटफार्म के जरिए एक दूसरे से जुड़ जाएगी।
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सरकार ने इस योजना के अंतर्गत वर्ष 2022 तक किसानों की आमदनी दोगुनी करने का लक्ष्य रखा है। मार्केटिंग बोर्ड के मुख्य अभियंता अमर सिंह ने बताया कि इस योजना के शुरू हो जाने से सबसे ज्यादा फायदा किसानों व व्यापारियों को होगा। किसानों के पैसे की सुरक्षा की जिम्मेदारी सरकार की होगी। जिसके चलते सरकार को पूरी मार्केट फीस मिलेगी। बिचौलियों की कालाबाजारी भी खत्म होगी।

मार्केट कमेटी सचिव विकास सेतिया ने बताया कि इस योजना के तहत मुख्य अनाजमंडी के सभी 6 तथा अतिरिक्त अनाजमंडी के 1 गेट पर इलेक्ट्रॉनिक धर्मकांटे लगाए जाएंगे। मार्केट कमेटी में किसानों और व्यापारियों को रजिस्टर्ड किया जाएगा। जब एक किसान अपनी फसल को लेकर मंडी में आएगा तो उस फसल को मंडी के गेट पर ही तोलकर किसान को टोकन दे दिया जाएगा। उसके बाद किसान अपनी फसल का सैंपल लेकर मार्केट कमेटी कार्यालय में स्थित कंप्यूटराइज्ड लैब में पहुंचेगा। इस लैब में किसान की फसल की गुणवत्ता की जांच कर उसे ऑनलाइन बेचा जाएगा।

सरकार द्वारा नियुक्त कमीशन एजेंट के माध्यम से पूरे देश के रजिस्टर्ड व्यापारी इस फसल का भाव तय करने के लिए बोली लगाएंगे। किसान को जहां अपनी फसल का सबसे ज्यादा भाव मिलेगा, वह उसे वहां बेच सकेगा। किसान और व्यापारी के पूरे पैसे के भुगतान की जिम्मेदारी सरकार की होगी। इस प्रकिया में किसान को अपनी फसल का सबसे बढ़िया भाव मिलेगा जिससे किसान खुशहाल होंगे और कृषि घाटे का सौदा नहीं रहेगी। इस अवसर पर सी.एम.ई.ओ. राजकुमार बेनीवाल, डीएमईओ मदनलाल सहित विभिन्न अधिकारी भी उपस्थित थे।
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