चंडीगढ़। दो लाख रुपये की रिश्वत मामले में गवाह और एनडीपीएस मामले में आरोपी समदर्श उर्फ जोसेफ की जमानत याचिका को जिला अदालत ने खारिज कर दिया। आरोपी समदर्श ने याचिका दायर करके कहा था कि वह निर्दोष है और उसे झूठे मामले में इसलिए फंसाया जा रहा है क्योंकि वह चंडीगढ़ पुलिस के कर्मियों जसविंदर कौर और एसआई मोहन सिंह से जुड़े दो लाख रुपये की रिश्वत मामले में गवाह है। उस पर रिश्वत का मामला वापस लेने के लिए चंडीगढ़ पुलिस ने दबाव बनाया। शिकायत वापस न लेने पर उसके खिलाफ एनडीपीएस का मामला दर्ज कर दिया गया।
यह है मामला
एफआईआर के मुताबिक सेक्टर-39 थाना पुलिस 38/39 की डिवाइडिंग रोड पर गश्त कर रही थी। इस दौरान एक युवक साइकिल ट्रैक से टी-प्वाइंट की तरफ आता दिखाई दिया। वह पुलिस पार्टी को देखकर घबराकर हाथ में पकड़े लिफाफे को छिपाकर पीछे मुड़ गया। इस दौरान पुलिस ने शक पर उसे गिरफ्तार किया और तलाशी लेने पर उससे 26 नशीले इंजेक्शन मिले। पुलिस ने उसकी जेब से एक देसी तमंचा भी बरामद किया था। लाइसेंस या परमिट मांगने पर वह पेश नहीं कर पाया। इसके बाद पुलिस ने एनडीपीएस और आर्म्स एक्ट की धाराओं के तहत समदर्श उर्फ जोसेफ के खिलाफ मामला दर्ज किया था।