चंडीगढ़। गुरुग्राम निवासी बिजनेसमैन से पांच करोड़ रुपये की ठगी के मामले में आरोपी रामलाल चौधरी की जमानत याचिका को मंगलवार को जिला अदालत ने खारिज कर दिया। सुनवाई के दौरान सरकारी वकील ने कहा कि आरोपी को जमानत मिली तो वह गवाहों को प्रभावित कर सकता है। साथ ही जांच को भी बाधित कर सकता है। दलीलें सुनने के बाद जिला अदालत ने जमानत याचिका को खारिज कर दिया। पुलिस इस मामले में रामलाल के खिलाफ 8400 पन्नों का चालान भी पेश कर चुकी है।
गुरुग्राम निवासी बिजनेसमैन अतुल्य शर्मा की शिकायत के अनुसार, उनके एक मित्र ने 11 वर्ष पहले उन्हें रामलाल से मिलवाया था। कुछ समय बाद व्यापार में रुपये निवेश करने का झांसा देकर रामलाल ने अतुल्य से 5 करोड़ रुपये मांगे। रकम का इंतजाम करने के लिए अतुल्य ने अपने पिता से पैसे मांगे, बैंक से लोन लिया, अपना प्रोविडेंट फंड और सेविंग से रकम जोड़ने के बाद मुंबई स्थित मकान तक बेच दिया। रामलाल को जब पैसे मिल गए तो उसने अतुल्य का फोन तक उठाना बंद कर दिया। कुछ समय बाद पैसे मांगने पर रामलाल ने अतुल्य को धमकी देनी शुरू कर दी। इसके बाद अतुल्य ने रामलाल के खिलाफ पुलिस को शिकायत दी।