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हरियाणाः शराब के शौकीन हैं तो पढ़ें ये बुरी खबर

Sat, 31 Jan 2015 10:02 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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हरियाणा में शराब के शौकीन लोगों के लिए बड़ी बुरी खबर है। अब शराब खरीदने के लिए ज्यादा पैसे देने होंगे। सरकार की नई आबकारी नीति लागू होते ही प्रदेश में शराब महंगी हो सकती है।
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पिछले साल शराब के कारोबार से सरकार को करीब साढ़े चार हजार करोड़ रुपये के राजस्व की प्राप्ति हुई थी। हालांकि इस बार खट्टर सरकार शराब के जरिए अधिक कमाई करने की बजाए वैट आदि की उगाही पर ध्यान दे रही है लेकिन नई आबकारी नीति से शराब के दाम बढ़ने की पूरी संभावना है।

उधर, राज्य में आबकारी विभाग के पास यह आंकड़े भी नहीं हैं कि प्रदेश में शराब का अधिक सेवन किस उम्र के लोग करते हैं और किस ब्रांड की शराब का अधिक प्रचलन है।
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एक साल के लिए दिए जाएंगे शराब ठेके के लाइसेंस

आबकारी एवं कराधान मंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने इस बात के संकेत दे दिए हैं कि 20 फरवरी के बाद किसी भी दिन आबकारी नीति की घोषणा संभव है।

मंत्री के मुताबिक, इस बार दो साल की बजाय एक साल की अवधि के लिए शराब ठेके अलाट किए जाएंगे। सभी ठेकों का अलाटमेंट आनलाइन होगा, जिससे पारदर्शिता बनी रहेगी।

हाईकोर्ट के स्टेट एवं नेशनल हाइवे के किनारे शराब ठेके नहीं खोलने के निर्देश से जुड़े सवाल पर कैप्टन ने कहा कि 17 फरवरी को पूरा फैसला आना है। हाईकोर्ट के आदेशों का अनुपालन किया जाएगा।

एनसीआर और राज्य के अन्य जिलों में बार लाइसेंस की फीस एक समान होने से जुड़े सवाल पर कैप्टन अभिमन्यु ने कहा कि हम बड़े बार लाइसेंस फीस बढ़ाने पर विचार किया जा रहा है। अलग-अलग शहरों के लिए बार लाइसेंस फीस के मानदंड तय किए जाएंगे।
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नई उद्योग नीति में लग सकता है दो माह का समय

हरियाणा की नई उद्योग नीति बनने में अभी दो माह का वक्त और लग सकता है। औद्योगिक इकाइयों के आन लाइन रजिस्ट्रेशन की शुरुआत की जा चुकी है। अभी तक करीब 80 हजार औद्योगिक इकाइयां पंजीकरण करा चुकी हैं। इंस्पेक्टर राज खत्म करने के उद्देश्य से सरकार ने औद्योगिक इकाइयों को बायलर के सेल्फ सर्टिफिकेशन की अनुमति प्रदान कर दी है।

28 पंचायतों ने किया शराब ठेके खोलने का विरोध
कैप्टन अभिमन्यु ने बताया कि हरियाणा की 28 ग्राम पंचायतों ने अपने क्षेत्र में शराब ठेके नहीं खोलने के लिए विभाग को लिखित अनुरोध किया है। उनके अनुसार, पिछली सरकार के कार्यकाल में ऐसा कोई आंकड़ा तैयार नहीं किया गया कि राज्य में शराब की खपत कहां और किस आयु वर्ग में कितनी होती है। उन्होंने कहा कि इस बार सरकार पूरा सिस्टम तैयार कर रही है।
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