सेक्टर-63 के हाउसिंग प्रोजेक्ट में अलाटियों का दिवाली पर अपने घर में बसने का सपना टूट गया है, क्योंकि प्रशासन और हाउसिंग बोर्ड यहां पर बिजली की सप्लाई शुरू करने का अपना वायदा पूरा नहीं कर पाया है।
अभी तक यहां पर बिजली का ट्रांसफर तक नहीं लगा है जबकि सैकड़ों अलाटियों ने अपने फ्लैट में परिवार सहित जाने की योजना बनाई थी।
एक माह तक बिजली सप्लाई की उम्मीद नहीं
जिन लोगों ने फ्लैट का कब्जा ले भी ले लिया है वह अपने मकान के भीतर पीओपी और इंटीरियर का काम काफी मुश्किल से करवा रहे हैं। कई लोग किराये पर जनरेटर लेकर काम करवा रहे हैं। सिर्फ ईडब्ल्यूएस के फ्लैट्स को बिजली के अस्थायी कनेक्शन के साथ जोड़ा गया है।
हाउसिंग बोर्ड के अनुसार यहां पर बिजली लगाने का काम प्रशासन का है। अभी एक माह और तक यहां पर बिजली की सप्लाई शुरू होने की उम्मीद नहीं हैं। मालूम हो कि पहले से ही प्रोजेक्ट में देरी होने और ठेकेदार को टैंडर अलाटमेंट की खामियों की जांच सीबीआई कर रही है। इस सीबीआई जांच के कारण ही हाउसिंग बोर्ड अब जल्दबाजी में कोई नया प्रोजेक्ट लांच करने के लिए तैयार नहीं हैं।
फ्यूल कर रहे हैं लीक
इस प्रोजेक्ट को पानी के कनेक्शन के साथ तो जोड़ दिया गया है, लेकिन पानी के तेज प्रेशर के कारण बंद फ्यूल लीक कर रहे है। जिस कारण यहां पर पानी बह रहा है।
एसोसिएशन की हुई बैठक
रविवार को टू बीएचके रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन की बैठक मे लोगों ने बिजली के कनेक्शन न मिलने पर रोष जाहिर किया। एसोसिएशन के महासचिव वीरेंद्र शर्मा का कहना है कि हाउसिंग बोर्ड ने वायदा किया था कि दिवाली तक बिजली का कनेक्शन मिल जाएगा लेकिन ऐसा नहीं हुआ। लोगों का दिवाली पर अपने फ्लैट में जाने का सपना टूट गया है। उन्होंने बताया कि एक रिटायर्ड कर्मचारी सैजी बी तो बिना बिजली कनेक्शन के ही फ्लैट में रहने लगे हैं।
388 का निर्माण पूरा नहीं
इस समय 388 टू बेडरूम के फ्लैट ऐसे है जिनका निर्माण कार्य पूरा नहीं हुआ है। बोर्ड के अनुसार अभी इनके निर्माण पूरे होने में एक साल लग जाएगा। इन फ्लैटों के लेटर अलाटियों को जारी कर दिए गए हैं।
अब सदस्यता लेना जरूरी कर दिया
बोर्ड की ओर से फ्लैट का कब्जा लेने के लिए जो आरडब्ल्यूए से सर्टिफिकेट लेने की शर्त हटाई थी उसे फिर से बहाल कर दिया गया है। अब अलाटी को कब्जा लेने के लिए आरडल्यूए से प्रमाणपत्र लेना जरूरी होगा। इस प्रोजेक्ट का लोकार्पण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ही किया था। यहां पर अलग अलग कैटेगरी के 2108 फ्लैट्स हैं। जिनमे ईडब्लयूएस से लेकर वन, टू और थ्री बीएचके फ्लैट्स शामिल हैं।