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नई पहलः काली बेई के बाद इस इस नदी का उद्धार करेंगे पद्मश्री संत सीचेवाल

Fri, 07 Apr 2017 09:15 AM IST
अमित रुखाया/अमर उजाला, फतेहाबाद(हरियाणा)
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पद्मश्री संत सींचेवाल
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देश की सबसे प्रदूषित नदी मानी जाने वाली काली बेई की सफाई करने वाले पद्मश्री संत सीचेवाल ने अब एक और नदी का उद्धार करने का बीड़ा उठाया है। पद्मश्री अवार्ड विजेता संत बलबीर सिंह सींचेवाल ने अब रतिया की घग्गर नदी को साफ करेंगे।
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संत सीचेवाल वीरवार को रतिया में घग्गर नदी का दौरा करने पहुंचे थे। घग्घर नदी के दूषित पानी की मार से जहा रतिया घग्घर किनारे बसने वाले लोगों का जीना मुहाल है, वहीं घग्घर नदी के दूषित पानी से भयंकर बिमारिया फैल रही है, कई लोगों की अब तक मौत भी हो चुकी है।

वहीं अब इलाके के लोगों ने घग्घर नदी बचाओ मुहिम चलाई है और घग्घर नदी के दूषित पानी के प्रभाव को रोकने के लिए हजारो लोग रतिया घग्घर नदी पर लामबंद हुए हैं। इस मुहिम में भारत के प्रसिद्ध पर्यावरण प्रेमी पदम् श्री अवार्डी सन्त बलबीर सिंह सीचेवाल ने शिरकत की।
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इस मौके पर रतिया विधायक रविन्द्र बलियाला व हरियाणा अनुसूचित वित्त विकास बोर्ड की चेयरपर्सन सुनीता दुग्गल भी मुहिम में शामिल हुईं। इस मौके पर सन्त बलबीर सिंह ने घग्घर नदी का अवलोकन किया और इस नदी के दूषित पानी पर गहरा दुख प्रकट किया।

 
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नदी व अन्य दरियाओं को दूषित करना कानूनी अपराध है

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सीचेवाल ने कहा कि घग्घर नदी व अन्य दरियाओं को दूषित करना कानूनी अपराध है और 22 लो 1974 एक्ट के तहत इस मे 3 साल से 6 साल तक की सजा का भी प्रवाधान है। फैक्ट्रियों का दूषित पानी नदियों में छोडऩा कानूनी अपराध है इसके लिए नदियों पर ट्रीटमेंट प्लांट लगाकर इस नदी के दूषित पानी को बचाया जा सकता है। इसके लिए लोगों में जागरूकता जरूरी है।

वहीं रतिया विधायक रविन्द्र बलियाला ने सन्त की मुहिम का स्वागत किया और इनेलो का सन्त को समर्थन देने का ऐलान किया। इस मौके ओर विधायक ने प्रदेश सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि उन्होंने घग्घर नदी की समस्या विधान सभा मे रखी थी मगर सरकार ने इसको लेकर कोई कदम नहीं उठाया। उन्होंने सरकार को चेतावनी दी की अगर जल्द समस्या का समाधान न हुआ तो वह बड़ा आंदोलन करेंगे।

शहर के संगठनों ने समस्या का हल न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।  भाजपा नेत्री सुनीता दुग्गल का कहना है की हरियाणा व पंजाब राज्य सरकार की उच्च स्तरीय वार्ता हो चुकी है और 2017 तक घग्घर दूषित पानी से मुक्त होगी। उन्होंने बताया कि घग्घर पर जल्द वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट लगेगा। अब देखना है कि घग्घर नदी बचाओ को लेकर रतिया में शुरू हुई मुहिम के जरिए घग्घर नदी दूषित पानी से मुक्त होती है व लोगों को कब इस घग्घर से निजात मिलती है।
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कौन हैं संत सीचेवाल

‘पर्यावरण के हीरो’ के टाइटिल से नवाजे गए संत बलबीर सिंह सीचेवाल - फोटो : amarujala
बाबा बलबीर सिंह सीचेवाल भारत के पंजाब राज्य के एक पर्यावरण कार्यकर्ता हैं। टाईम पत्रिका ने अपने पंजाब की प्रदूषित काली बेई नदी को साफ करने का अभियान चलाने वाले बाबा बलबीर सिंह सीचेवाल को दुनिया भर से चुने गए 30 हीरोज ऑफ एन्वायरनमेंट या दुनिया के पर्यावरण नायक में शामिल किया है। जिसके चलते उन्हें पद्मश्री से सम्मानित किया गया।

संत बलबीर सिंह सीचेवाल ने अकेले ही अपने दम पर बगैर किसी की मदद के काली बीन नदी को साफ करने का एक ऐसा आंदोलन छेड़ा कि लोग उनके साथ होते गए और बुरी तरह से प्रदूषित और बदबू मारने वाली नदी कलकल करती धाराओं में बहने लगी। काली बीन नदी होशियारपुर जिले में 160 किलोमीटर क्षेत्र में बहती है। छह से ज्यादा नगरों और 40 गांवों के लोग इसमें अपना कूड़ा डालते थे और नालियों का गंदा पानी इसमें मिलाया जाता था।

बलबीर सिंह सीचेवाल और उनके साथियों ने इसकी सफाई के लिए अभियान छेड़ा जिसके चलते अब उसी नदी के किनारे लोग पिकनिक मनाते हैं। यह वही काली बीन नदी है जिसके किनारे 500 साल पहले गुरू नानक देव को अंतज्र्ञान प्राप्त हुआ था और वे नानक से गुरू नानक के रूप में पहचाने जाने लगे थे। वर्ष 2000 में सिख धर्मगुरू बलबीर सिंह सीचेवाल ने इस नदी को साफ करने का संकल्प लिया था। उन्होंने अपने साथी और सहयोगी स्वयं सेवकों के साथ मिलकर इसके तटों का निर्माण किया और नदी के किनारे-किनारे सडक़ें बनाई।
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