बीटेक की छात्रा ने बुधवार तड़के दरवाजे के ऊपर लगी ग्रिल से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। यह घटना सेक्टर-20 के जीएच 94 के फ्लैट नंबर 32 में हुई। पुलिस ने अनुसार, वह डिप्रेशन की शिकार थी और पहले भी कई बार आत्महत्या की कोशिश कर चुकी थी।
वह मुलाना इंजीनियरिंग कॉलेज से पढ़ाई कर रही थी और पिछले करीब एक साल से जीएमसीएच-32 में डिप्रेशन का इलाज चल रहा था। बहरहाल, पोस्टमार्टम के बाद शव को परिजनों के हवाले कर दिया गया।
छात्रा के पिता रणधीर सिंह ने बताया कि वह अपनी पत्नी सरोज बाला के साथ अपनी बेटी रिषु के कमरे में ढाई बजे तक थे। सुबह करीब साढ़े पांच बजे नींद खुली तो वह चुन्नी से फंदा लगाकर लटकी हुई थी। यह घटना रात ढाई बजे से सुबह साढ़े पांच बजे के बीच की है। उन्होंने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने छात्रा के मोबाइल को कब्जे में ले लिया है।
उधर, पुलिस के मुताबिक छात्रा अक्सर अपने अभिभावकों से कहती थी कि वह पढ़ाई में ठीक नहीं है और कई बार उसके नंबर भी खराब आए थे। इसी वजह से वह डिप्रेशन का शिकार हो गई थी। उसने लोगों से बातचीत भी कम कर दी थी।
मंगलवार को भी की थी कोशिश
छात्रा के पिता रणधीर सिंह ने बताया कि वह डिप्रेशन में होने की वजह से अक्सर जान देने की कोशिश करती रहती थी। मंगलवार की भी उसने बालकनी से छलांग लगाकर आत्महत्या की कोशिश की थी, लेकिन उन्होंने बचा लिया। इसके बाद से परिवार वाले उसके आसपास ही रहकर निगरानी करते थे।