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स्नातक वर्ग चुनाव के लिए चांसलर की अनुमति का इंतजार

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चंडीगढ़। पीयू सीनेट स्नातक वर्ग के चुनाव 26 सितंबर को होने हैं। तिथि नजदीक आ रही है। एक ओर प्रत्याशी तेजी से प्रचार-प्रसार करने में जुटे हैं। वहीं दूसरी ओर उन्हें चांसलर की अनुमति का भी इंतजार है, क्योंकि अभी चुनाव के लिए उत्तराखंड सरकार से बूथ बनाने के लिए अनुमति नहीं मिली है। कुछ लोगों का तो यह भी कहना है कि इस कारण भी चुनाव टल सकते हैं।
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सीनेट चुनाव के सात चरण हो चुके हैं। यह आठवां है। बमुश्किल इस चुनाव की तिथि घोषित की गई है। इस चुनाव के लिए पूर्व सीनेटरों से लेकर छात्रों ने प्रदर्शन किया है। पीयू ने इन सभी लोगों के समक्ष यह भी बात रखी है कि चुनाव 26 सितंबर को करवाएंगे, लेकिन इसके लिए उन्हें चांसलर कार्यालय की अनुमति की आवश्यकता होगी। उत्तराखंड में भी बूथ बनने हैं। वहां से भी अनुमति आना बाकी है। पीयू इन सभी अनुमतियों का इंतजार कर रहा है।
3.60 लाख मतदाताओं तक पहुंच बनाने की कोशिश
स्नातक वर्ग के चुनाव के लिए 43 उम्मीदवार मैदान में हैं। इन उम्मीदवारों की मंशा है कि वे सभी 3.60 लाख वोटरों तक पहुंचे। इसके लिए फोन पर फोन किए जा रहे हैं। कुछ जगहों पर बैठकें भी हुई हैं। प्रत्याशियों को कुछ प्रपत्र भी वोटरों की ओर से मिल रहे हैं, जो उनकी मांगें हैं। जीतने के बाद प्रत्याशियों को पूरी करनी होंगी। कुछ मतदाताओं ने प्रत्याशियों से कहा है कि वे भौगोलिक आधार पर कॉलेजों का बंटवारा नहीं होने देंगे। पीयू से जो संस्थान जुड़े हैं, उन्हें पीयू से दूर न होने दें। मतदाताओं की इस बात को प्रत्याशी गंभीरता से ले रहे हैं, क्योंकि पीयू शासन सुधार को बनाई गई उच्च स्तरीय समिति ने कुछ कॉलेजों को भौगोलिक आधार पर बांटने की बात कही थी।
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भाजपा व कांग्रेस के दिग्गज लगा रहे पूरी ताकत
सात चरणों में सीनेट के चुनाव हुए हैं। इनमें जीते प्रत्याशियों को अपने पाले में करने के लिए भाजपा व कांग्रेस पूरी ताकत लगा रही है। इन पार्टियों के दिग्गजों का मत है कि सर्वाधिक उम्मीदवार उनके दलों से जीते हैं। हालांकि अभी गुणा-भाग करना बाकी है। दोनों ही दल चाहते हैं कि सीनेट में बहुमत उनका आए।
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