चंडीगढ़ पीजीआई में गलत इंजेक्शन का शिकार हुए लोग
- फोटो : अमर उजाला
पीजीआई में एवेस्टिन हादसे के बाद चंडीगढ़ प्रशासन हरकत में आ गया है। चंडीगढ़ में एवेस्टिन दवा के इस्तेमाल पर रोक लगा दी गई है। ड्रग कंट्रोलर दिल्ली की टीम सोमवार को पीजीआई पहुंचकर एवस्टि दवा के उपयोग की जांच करेगी। चंडीगढ़ के ड्रग कंट्रोलर जसबीर सिंह ने यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि यूटी में एवेस्टिन की खरीद और बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। इस दवा को न तो कोई खरीद सकता है और न ही बेच सकता है। अगर ऐसा करता कोई पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। ड्रग कंट्रोलर ने कहा कि यह प्रतिबंध फिलहाल कुछ समय के लिए लगाया गया है। सोमवार को एवेस्टिन के कुछ सैंपल भी भरे जाएंगे।
पीजीआई में दवा का स्टॉक सीज
चंडीगढ़ पीजीआई में गलत इंजेक्शन का शिकार हुए लोग
- फोटो : अमर उजाला
उन्होंने बताया कि केमिस्ट एसोसिएशन को पत्र लिखकर एवेस्टिन दवा के सारे स्टॉक को वापस लेने के निर्देश जारी किए गए हैं। रविवार को ड्रग कंट्रोलर की टीम ने पीजीआई में रखे एवेस्टिन के स्टॉक सीज कर दिया। इस संबंध में उन्होंने पीजीआई के डाक्टरों के साथ मीटिंग भी की।
उधर, शनिवार को पीजीआई प्रशासन ने एवेस्टिन हादसे की पूरी रिपोर्ट ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया को भेज दी थी। रिपोर्ट के साथ मरीजों की स्थिति, इलाज की जानकारी, दवा खरीदारी के प्रमाण, कुमार एंड कंपनी के बिल को भी शामिल किया गया है। रिपोर्ट में इस बात का भी उल्लेख किया गया है कि पीजीआई एवेस्टिन को बल्क में खरीदता था।
अचानक स्टॉक खत्म होने पर उसे स्थानीय केमिस्ट शॉप से खरीदनी पड़ी थी। एवेस्टिन (बेवासिजुमेब) के बैच नंबर बी7034बी02 की दो वायल कुमार एंड कंपनी से खरीदनी पड़ी, इसमें से एक वायल में गड़बड़ी मिली है। दूसरे वायल का इस्तेमाल नहीं किया गया है। अब ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया इस मामले में कोई फैसला ले सकता है।
आज कुछ मरीजों को किया जा सकता है डिस्चार्ज
पीजीआई चंडीगढ़
पीजीआई में एवेस्टिन के इंजेक्शन लगने के बाद इंफेक्शन के शिकार मरीजों की आंखों में लगातार सुधार हो रहा है। लगभग सभी मरीजों में इंफेक्शन रुक गया है। अब उनकी आंखों की रोशनी को वापस लाने की कवायद चल रही है। कुछ मरीजों के आंखों की रोशनी वापस आनी शुरू हो गई है।
डॉक्टरों का कहना है कि सोमवार सवेरे एक बार सभी मरीजों को चेक किया जाएगा। जो ठीक होंगे, उन्हें डिस्चार्ज कर दिया जाएगा। 19 मरीजों की सर्जरी भी की जा चुकी है। मरीजों को इंट्रावेनस एंटीबॉयोटिक ट्रीटमेंट दिया जा रहा है। कुछ दिन बाद उनकी नजर ठीक वैसी हो जाएगी, जैसे पहले थी। डॉक्टर हर घंटे मरीजों की जांच कर रहे हैं। उन्हें गहन निगरानी में रखा गया है। कोशिश की जा रही है कि किसी भी मरीज की आंखों में कोई नुकसान न हो।
यह था मामला
बीते मंगलवार को पीजीआई ने 30 मरीजों को एवेस्टिन का इंजेक्शन लगाया गया था। इसके बाद मरीजों को घर भेज दिया गया। घर पहुंचने पर तीन मरीजों ने आंखों में जलन और सूजन की शिकायत दी। सूचना मिलते ही पीजीआई हरकत में आ गया और पेशेंट से संपर्क करना शुरू कर दिया। जिन्हें एक ही शीशी से दवा दी गई थी। उन सभी मरीजों को पीजीआई ने घर से बुलाकर दाखिल किया था। ये सभी मरीज हरियाणा-पंजाब के अलग-अलग जिलों से आए थे। कुल 27 मरीजों में इंफेक्शन हुआ था।