नगर निगम ने लाखों रुपये खर्च कर शहर में ऑटोमेटिक पार्किंग तो शुरू कर दी, लेकिन इसका जनता को कोई लाभ नहीं मिल रहा है।
सेक्टर-17 में एंपायर स्टोर के सामने बनी नई पार्किंग केवल उद्घाटन के दिन तक ही ऑटोमेटिक थी। इसके बाद से यहां कंप्यूटराइज्ड नहीं, बल्कि हाथ से ही पर्चियां काटी जा रही हैं।
इस ऑटोमेटिक पार्किंग का उद्घाटन 27 दिसंबर को हुआ था। तब से इसका सिस्टम लगातार खराब हो रहा है। रविवार को भी सिस्टम खराब ही रहा, जिस कारण लोगों को हाथ से ही पर्चियां काट कर दी जा रही थीं।
नगर निगम ने करीब 16 लाख रुपये खर्च कर पार्किंग में ऑटोमेटिक सिस्टम इंस्टॉल किए थे। यहां वाहनों के लिए घंटों के हिसाब से रेट तय किए थे। गाड़ी के लिए पहले चार घंटों के 5 रुपये और अगले हर घंटे के भी 5-5 रुपये तय किए।
इसमें यह भी शर्त थी कि अगर ऑटोमेटिक सिस्टम खराब होगा तो घंटों के हिसाब से नहीं, बल्कि 5 रुपये ही चार्ज लिए जाएंगे। फिर भी पार्किंग के कर्मचारी लोगों को पर्ची देकर उस पर टाइम लिख देते हैं, उसके बाद वापसी पर घंटों के हिसाब से चार्ज वसूल रहे हैं।
टू-व्हीलर को डिटैक्ट नहीं कर रहा सिस्टम
सेक्टर-17 की इस ऑटोमेटिक पार्किंग का सिस्टम केवल फोर-व्हीलर्स के लिए ही है। टू-व्हीलर को तो यह सिस्टम डिटैक्ट ही नहीं कर रहा है।
टू-व्हीलर को तो उद्घाटन के दिन से हाथ से पर्ची काट कर दी जा रही है। इतना ही नहीं यहां ओवचार्जिंग भी खूब हो रही है। बाइक चालकों से दो की बजाय 5 रुपये चार्ज किए जा रहे हैं।
जब से पार्किंग शुरू हुई है, तब से दो-तीन दिन ही सिस्टम ढंग से काम किया है। कई बार अधिकारियों को शिकायत दी। वो ठीक भी कर जाते हैं, लेकिन फिर सिस्टम खराब हो जाता है।
रणधीर सिंह, पार्किंग कांट्रैक्टर