आखिरकार, सड़कों पर नियमों की अनदेखी कर दौड़ रहे ऑटो पर शिकंजा कसने के लिए प्रशासन ने तैयारी शुरू कर दी है। अब इसी सप्ताह ऑटो पॉलिसी की समीक्षा की जाएगी और जरूरत के अनुसार नियमों में बदलाव किया जाएगा।
‘अमर उजाला’ ने एक अभियान चलाकर ऑटो चालकों की मनमानी को उजागर किया था। खबरों के जरिए प्रशासन को बताया गया था कि ऑटो चालक किस तरह नियम तोड़ते हैं और शहर की आबोहवा में जहर घोल रहे हैं।
इसके बाद यूटी प्रशासन में के अधिकारियों ने इस पर काम करना शुरू कर दिया है। अब इसी सप्ताह प्रशासन का फोकस ट्रांसपोर्ट पर रहेगा। मंगलवार से ही इसकी शुरुआत होगी।
अधर में लटके बस रूट प्लान पर भी मंगलवार को ट्रांसपोर्ट विभाग की मीटिंग होगी। इसमें ट्रांसपोर्ट सेक्रेटरी विक्रम देव दत्त के साथ विभाग के कई बड़े-छोटे अधिकारी हिस्सा लेंगे।
रूट प्लान के साथ ऑटो पॉलिसी को रिव्यू करने का काम भी प्रशासन ने शुरू कर दिया है। खासकर डीजल ऑटो के लिए नए मापदंड बनाए जाएंगे।
पर्यावरण की लगातार बिगड़ती हालत को देखते हुए प्रशासन सबसे पहले डीजल ऑटो पर लगाम कसेगा। हालांकि, डीजल ऑटो का रजिस्ट्रेशन तो चंडीगढ़ में पहले ही बंद किया जा चुका है।