हरियाणा के रोहतक में रूट सिस्टम पर बवाल हो रहा है। बुधवार को पुलिस ने 107 ऑटो चालकों को गिरफ्तार किया। रूट सिस्टम के विरोध में भूख हड़ताल पर डटे ऑटो चालक पुराने आईटीआई मैदान में आ जुटे। यहां से 500 से अधिक ऑटो चालकों का हुजूम प्रदर्शन करते हुए लघु सचिवालय पहुंचा।
विज्ञापन
एसडीएम ने ऑटो चालकों का पक्ष सुना, लेकिन ऑटो चालकों ने कहा कि अब ज्ञापन नहीं देंगे, सीधे रूट सिस्टम खत्म करने का आदेश जारी होना चाहिए। एक घंटे तक चली बातचीत में कोई नतीजा नहीं निकला। ऑटो चालक लघु सचिवालय से बाहर निकले और अंबेडकर चौक पर धरने पर बैठ गए।
पुलिस ने पहले तो चेतावनी दी, बाद सभी को उठाकर थाने ले गई। देर शाम तक 200 से अधिक ऑटो चालकों पर सड़क जाम करने का केस दर्ज कर लिया गया और 107 को गिरफ्तार भी किया गया। उधर, डीएसपी यातायात रवींद्र ने फिर दोहराया कि किसी भी कीमत पर रूट सिस्टम को खत्म नहीं किया जाएगा।
विज्ञापन
आईटीआई मैदान में जुटे 500 से ज्यादा ऑटो ड्राइवर्स
रोहतक में रूट सिस्टम पर बवाल
रूट सिस्टम के विरोध में न्यू रोहतक ऑटो रिक्शा कल्याण समिति के बैनर तले बुधवार को पुराने आईटीआई मैदान में पांच सौ से अधिक ऑटो चालक जमा हो गए। इसके बाद चालक समिति के प्रधान राजेंद्र दहिया के नेतृत्व में पैदल मार्च करते हुए डीसी ऑफिस पहुंचे। चालक ऑटो के रूट सिस्टम का विरोध कर रहे थे। चालकों का ज्ञापन लेने एसडीएम मुनीश नागपाल आए।
उन्होंने कहा कि पांच सदस्यीय कमेटी बनाकर एसपी से बातचीत की जाए। इस दौरान यातायात डीएसपी और यातायात एसएचओ भी मौजूद होंगे और उनकी समस्याओं का समाधान निकाला जाएगा। इस पर प्रधान राजेंद्र दहिया ने कहा कि वह पहले भी दो बार ज्ञापन दे चुके हैं, उनकी मांग पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। इसलिए अब जब तक इस रूट सिस्टम को खत्म करने के आदेश नहीं जारी हो जाते हैं वे भूख हड़ताल पर बैठ जाएंगे।
इस तरह एसडीएम संग चली करीब एक घंटे की बातचीत बेनतीजा रही। इधर मामला बिगड़ा तो प्रधान राजेंद्र दहिया ने ऑटो चालकों के साथ भूख हड़ताल पर बैठने का आह्वान कर दिया। सभी चालक लघुसचिवालय से निकलकर अंबेडकर चौक पर पहुंचे और भूख हड़ताल पर बैठ गए। उधर पुलिस भी सतर्क हो गई। आनन-फानन में पुलिस लाइन से रिजर्व पुलिस बुला ली गई।
ऑटो चालकों पर करना पड़ा बल का प्रयोग
ऑटो
- फोटो : amar ujala
पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को धारा 144 का उल्लंघन करने की चेतावनी दी और उठने के लिए 10 मिनट का समय दिया। लेकिन ऑटो चालक डटे रहे। आखिर में पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। पुलिस सभी ऑटो चालकों को सिविल थाने ले गई।
यहां धारा 144 का उल्लंघन करने पर उनके खिलाफ 188 के तहत केस दर्ज किया गया। देर शाम तक सिविल थाना पुलिस में करीब दो सौ ऑटो चालकों के खिलाफ रोड जाम करने समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज करने की कार्रवाई चलती रही। पुलिस ने रात नौ बजे तक 107 ऑटो चालकों को गिरफ्तार भी कर लिया।
ये हैं ऑटो चालक समिति की मांगें
ऑटो समिति की पहली मांग रूट व्यवस्था को खत्म करने की है। इसके साथ ही, ऑटो यूनियन के प्रधान का चुनाव मतदान के जरिए करवाने की बात भी रखी गई। समिति के प्रधान राजेंद्र दहिया ने चुनाव को लेकर चालकों को संबोधित किया।
उन्होंने बताया कि पहले ऑटो चालकों का एक मतदान पत्र बनेगा। इसके लिए ऑटो का रजिस्ट्रेशन प्रमाणपत्र, परमिट और दो फोटो ली जाएगी। समिति की ओर से मुकर्रर चंदा लिया जाएगा। इसके बाद मतदाता सूची बनाई जाएगी। लोकतंत्र प्रणाली से ऑटो चालकों के प्रधान का चुनाव करवाया जाएगा।
पुराने आईटीआई मैदान में पहुंचने वाले ऑटो चालकों ने अपना नाम दर्ज करवाया। इसके लिए समिति की ओर से चार व्यक्तियों को नियुक्त किया गया था। इसमें ऑटो चालकों की गिरफ्तारी तक करीब आठ सौ ऑटो चालकों ने अपना नाम दर्ज करवाया।
यातायात डीएसपी को बर्खास्त करने की भी मांग
अंबेडकर चौक पर जब पुलिस विरोध प्रदर्शन करने के लिए धरने पर बैठे ऑटो चालकों को उठाने की तैयारी कर रही थी, उस समय समिति के प्रधान राजेंद्र दहिया समेत ऑटो चालकों ने यातायात डीएसपी डॉ. रवींद्र को बर्खास्त करने की मांग की।
रूट सिस्टम नहीं होगा खत्म, समस्याओं का करेंगे समाधान
रूट सिस्टम से शहर में लगने वाले जाम पर नियंत्रण पाया जा रहा है। इसलिए इसे रद्द नहीं किया जाएगा। ऑटो चालकों को रूट सिस्टम से चलने में जो भी परेशानी आ रही है, उनका समाधान किया जाएगा।
- डॉ. रवींद्र, डीएसपी यातायात