बोर्ड आफ गवर्नर्स की मीटिंग के दौरान गवर्नर बनवारी लाल पुरोहित।
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पंजाब के राज्यपाल, चंडीगढ़ के प्रशासक और उत्तर क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र (एनजेडसीसी) चेयरमैन बनवारीलाल पुरोहित की अध्यक्षता में गुरुवार को शिमला में बोर्ड ऑफ गवर्नर्स (बीओजी) की वार्षिक बैठक हुई। इसमें चंडीगढ़ स्थित कलाग्राम में ऑडिटोरियम और मल्टीपर्पज हॉल बनाने का फैसला लिया गया। साथ ही लोक कलाकारों के लिए 5-5 लाख रुपये के दो वार्षिक लाइफ टाइम अचीवमेंट पुरस्कारों की भी घोषणा की गई।
प्रशासक ने एनजेडसीसी की कार्यक्रम समिति, वित्त समितियों और कार्यकारी बोर्ड द्वारा की गई विभिन्न सिफारिशों को मंजूरी दी। इसमें 2022-23 के दौरान विभिन्न कार्यक्रमों व गतिविधियों के लिए 10.24 करोड़ रुपये के बजट को स्वीकृति दी गई। बैठक में इस बात पर भी जोर दिया गया कि राजस्थान सरकार एनजेडसीसी के कोष फंड के लिए 1.34 करोड़ रुपये के अपने शेष योगदान को जारी करे। प्रशासक ने सभी वित्तीय और प्रशासनिक मामलों में पारदर्शिता बनाए रखने की भी इच्छा व्यक्त की। पुरोहित ने लोक कलाकारों के लिए राज्यपाल कोष से प्रतिवर्ष दो लाइफ टाइम अचीवमेंट पुरस्कारों की घोषणा की।
इस पुरस्कार के अंतर्गत प्रत्येक विजेता को 5 लाख रुपये की राशि प्रदान की जाएगी और यह पुरस्कार एनजेडसीसी द्वारा आयोजित एक भव्य सांस्कृतिक समारोह के दौरान दिया जाएगा। इसके लिए निदेशक एनजेडसीसी को उन कलाकारों का चयन करने के लिए नियम व पद्धति तैयार करने का निर्देश दिया गया, जिन्होंने सदस्य राज्यों की लोक कलाओं को बढ़ावा देने में अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया हो।
प्रतिभाशाली कलाकारों को दिया जाए मौका : बनवारीलाल पुरोहित
कलाग्राम में ऑडिटोरियम के लिए एक प्रस्ताव टैगोर सांस्कृतिक परिसर अनुदान योजना के तहत मंजूर किया गया। इसके लिए चंडीगढ़ प्रशासन द्वारा चार करोड़ और संस्कृति मंत्रालय की तरफ से करीब छह करोड़ रुपये की राशि दी जाएगी। प्रशासक ने कहा कि जो कलाकार प्रतिभाशाली हैं और जिन्हें मौका नहीं मिलता, उन्हें प्राथमिकता दी जाए। राज्यों को जिला स्तर पर भी कार्यक्रम आयोजित करने चाहिए, जिसके लिए एनजेडसीसी की विशेषज्ञता का उपयोग किया जा सकता है। एनजेडसीसी को अपनी पहुंच का दायरा बढ़ाते हुए विस्तार करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने अन्य जोनों में संस्कृति के माध्यम से एकता को प्रोत्साहित करने वाले और अधिक कार्यक्रम आयोजित करने की इच्छा व्यक्त की। बैठक दौरान संस्कृति मंत्रालय के कैपिटल ग्रांट के तहत एक मल्टीपर्पज हॉल भी प्रस्तावित किया गया, जिसका उपयोग प्रदर्शन गैलरी, कार्यशाला स्थल और छोटी सांस्कृतिक बैठकों के लिए किया जा सकता है। बैठक में पंजाब, हरियाणा समेत कई राज्यों के अधिकारी व चंडीगढ़ से कला सचिव विनोद पी कावले शामिल हुए।