रेलवे के लिए अधिगृहीत की गई जमीन का मुआवजा किसानों को न देने के मामले में जिला अदालत ने एसडीएम कम जमीन अधिग्रहण कलेक्टर खरड़ के खिलाफ फैसला सुनाया है।
अदालत ने एसडीएम ऑफिस खरड़ की इमारत, कुर्सियां व वहां पर लगे पंखे कुर्क करने के आदेश दिए हैं। यह मामला करीब पंद्रह साल पुराना है।
जानकारी के मुताबिक वर्ष 2000 में रेलवे के लिए जमीन अधिगृहीत करने की प्रक्रिया शुरू हुई थी। 2001 में किसानों को जमीन का अवार्ड सुनाया गया था।
इस दौरान एक एकड़ के बदले किसानों को चार लाख रुपये दिए गए थे। लेकिन, हरकेश चौधरी व अन्य की जमीन का मुआवजा नहीं दिया गया क्योंकि उनका इस जमीन को लेकर पंचायत से विवाद चल रहा था।
मुआवजा न मिलने से नाराज हरकेश चौधरी व अन्य इस मामले को रोपड़ अदालत में ले गए थे। रोपड़ अदालत में कई साल मामला चला। इसके बाद करीब डेढ़ साल पहले रोपड़ अदालत ने यह केस मोहाली अदालत ट्रांसफर कर दिया था। मोहाली अदालत ने एसडीएम को किसानों को मुआवजा बांटने के आदेश दिए थे।
इसके बावजूद मुआवजा नहीं बांटा गया। इसके बाद अदालत ने सख्ती से एसडीएम कम लैंड एक्विजिशन अधिकारी को आदेश दिए थे किसानों का 12 लाख रुपये ब्याज के साथ दिया जाए। इसे भी एसडीएम ने गंभीरता से नहीं लिया। अब अदालत ने ऑफिस की कुर्की के आदेश दे दिए।