15 साल पहले रेलवे लाइन के लिए एक्वॉयर की गई जमीन का लाखों रुपये भुगतान किसानों को न करने के मामले को जिला अदालत ने गंभीरता से लिया है।
अदालत ने रेलवे के खिलाफ फैसला सुनाते हुए एसडीएम मोहाली कम भूमि अधिग्रहण अधिकारी की सरकारी बिल्डिंग, कार और आफिस में रखे सामान को कुर्क करने के आदेश दिए है। दो किसानों का करीब 38 लाख का भुगतान बनता है।
जानकारी के मुताबिक, रेलवे विभाग ने 2001 में रेलवे लाइन बिछाने के लिए गांव रायपुर खुर्द की जमीन एक्वॉयर की थी। इस दौरान किसानों को प्रति एकड़ चार लाख का अवार्ड सुनाया गया था। लेकिन, किसान करनैल सिंह और गुलजार सिंह ने रेलवे द्वारा घोषित अवार्ड को कम बताया। साथ ही उन्होंने पैसे लेने से मना कर दिया।
वह इस मामले को अदालत ले गए। उन्होंने अदालत ने रेलवे द्वारा घोषित मुआवजे को कम बताया। उन्होंने अदालत में तर्क दिया कि इलाका चंडीगढ़ के बिल्कुल पास स्थित है। इलाके में जमीन के रेट काफी ऊंचे हैं। लेकिन, रेलवे उनके साथ धोखा कर रहा है।
इसके बाद में 2007 अदालत ने एक केस में प्रति एकड़ 17 लाख 68 हजार मुआवजा सुनाया। जबकि दूसरे केस में 19 लाख चार हजार रुपये मुआवजा देने के आदेश दिए। लेकिन, अदालत के आदेश पर विभाग द्वारा बढ़ा हुआ मुआवजा उन्हें नहीं दिया गया। इसके बाद अदालत ने दोबारा फिर से अदालत की शरण ली। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कुर्की के आदेश दिए है।
एसडीएम खरड़ का दफ्तर होगा नीलाम
इससे पहले अदालत ने किसानों का पैसा न चुकाने के मामले में एसडीएम दफ्तर खरड़ को नीलाम करने के आदेश दिए थे। अदालत ने उक्त फैसले में कहा था कि बिल्डिंग की नीलामी कर अदालत में पैसे जमा करवाए जाए। अदालत ने सितंबर में नीलामी करने व सितंबर के आखिर में पैसे जमा करवाने के आदेश दिए है।