चंडीगढ़। चंडीगढ़ में वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए बचे 11 शराब ठेकों की नीलामी सोमवार को होगी। यह छठी बार है, जब इन ठेकों के लिए बोली लगाई जाएगी, क्योंकि पिछली पांच नीलामी के बावजूद सभी ठेके अभी तक आवंटित नहीं हो पाए हैं।
इस बार शराब ठेकों की नीलामी शुरू से ही विवादों में रही है। 21 मार्च को हुई पहली ई-नीलामी में 97 में से 96 ठेके आवंटित किए गए थे और विभाग को 606 करोड़ की आय हुई थी। हालांकि, इस नीलामी प्रक्रिया का एक वर्ग ने विरोध किया था और एक विशेष समूह को फायदा पहुंचाने के आरोप लगाए थे। इसके बाद आवंटित किए गए 48 ठेकों के लाइसेंस रद्द कर दिए गए, क्योंकि ठेकेदारों ने निर्धारित समय के भीतर बाकी राशि जमा नहीं की थी, जिसके कारण उन्हें डिफॉल्टर घोषित कर दिया गया।
इसके बाद रद्द किए गए 48 ठेकों के लिए 21 अप्रैल को दूसरी बार नीलामी हुई, जिसमें केवल 20 ठेकों के लिए ही बोलीदाता मिले और आबकारी विभाग को 131 करोड़ रुपये की आय हुई, जबकि आरक्षित मूल्य 109 करोड़ रुपये था। फिर 29 अप्रैल को तीसरी, 8 मई को चौथी और 14 मई को पांचवीं बार नीलामी आयोजित की गई, लेकिन फिर भी 11 ठेके खाली रह गए। वाइन कॉन्ट्रैक्टर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष दर्शन सिंह कलेर ने पहली नीलामी प्रक्रिया के बाद ही इस मामले की सीबीआई जांच की मांग की थी।