चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी के हॉस्टलों में रह रहे छात्रों को घर भेजने के प्रयास विफल होते जा रहे हैं। वार्डन भी अब थक गए हैं। सिर्फ 10-15 ही छात्र घर गए, बाकी ने साफ कह दिया है कि वे परीक्षा देकर ही जाएंगे। अब पीयू छात्रों को घर भेजने के लिए दूसरे तरीके अपनाने की तैयारी कर रहा है।
पीयू के 20 हॉस्टलों में लगभग 140 छात्र रह रहे हैं। किसी हॉस्टल में पांच तो किसी में दस छात्र निवास कर रहे हैं। पीयू का बिजली का किराया प्रतिमाह लाखों में आ रहा है। इससे पीयू की नींद उड़ी हुई है। लगातार खर्च बढ़ रहा है। पीयू ने छात्रों को यह भी संदेश भिजवा दिया है कि उन्हें जुलाई से किराया देना होगा। इसके अलावा कोरोना का डर आदि बातें भी छात्रों को बताई गई। 40 से 50 छात्र घर जाने को भी तैयार हो गए थे, लेकिन इस बीच यूजीसी की गाइड लाइन सामने आ गई। अब छात्रों ने वार्डन से कह दिया है कि उन्हें परेशान न किया जाए। अब वह परीक्षा देकर ही घर को जाएंगे। उनका तर्क है कि घर गए और लॉकडाउन लग गया तो फिर वह पीयू नहीं आ पाएंगे। ऐसे में छात्रों को इस समय स्वतंत्र रहने देना चाहिए। पीयू भी नए नए तरीके निकाल रहा है। सूत्रों का कहना है कि पीयू पड़ोसी राज्यों के छात्रों को घर भेजकर ही दम लेेगा।